जिसे नर्मी से वंचित कर दिया गया, उसे सारी भलाई से वंचित कर दिया गया।
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: जिसे नर्मी से वंचित कर दिया गया, उसे सारी भलाई से वंचित…
हदीस की व्याख्या: जिसे नर्मी से वंचित कर दिया गया, उसे सारी भलाई से वंचित…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जिसे नर्मी से वंचित कर दिया गया, दीन एवं दुनिया से संबंधित मामलात और दूसरों के साथ मामलात में नर्मी उसके व्यक्तित्व का हिस्सा नहीं रही, उसे पूरे तौर पर भलाई से वंचित कर दिया गया।
सीख: जिसे नर्मी से वंचित कर दिया गया, उसे सारी भलाई से वंचित…
- नर्मी की फ़ज़ीलत, उससे सुशोभित होने की प्रेरणा और सख़्ती की निंदा।
- नर्मी से दोनों जहानों के मामले में भलाई आती है और दोनों जगहों में कुशादगी पैदा होती है। जबकि सख़्ती का मामला इसके विपरीत है।
- नर्मी अच्छे आचरण और अच्छे व्यवहार का प्रतिबिंब है, जबकि कठोरता क्रोध और कड़वाहट का प्रतिबिंब है। यही कारण है कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने नर्मी की प्रशंसा की है और उसका महत्व बताया है।
- सुफ़यान सौरी रहिमहुल्लाह ने अपने साथियों से पूछा : क्या तुम जानते हो कि नर्मी क्या है? नर्मी यह है कि तुम हर चीज़ को उसकी उचित जगह पर रखो। सख़्ती को उसकी जगह पर, नर्मी को उसकी जगह पर, तलवार को उसकी जगह पर और कोड़े को उसकी जगह पर।
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मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
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