जन्नत में वह व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा, जो रिश्ते-नातों को काटता हो।
इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > जन्नत में वह व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा, जो रिश्ते-नातों को काटता हो।
हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समय
हदीस का पाठ: जन्नत में वह व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा, जो रिश्ते-नातों…
عن جُبَير بن مُطْعِم رضي الله عنه أنه سمع النبي صلى الله عليه وسلم يقول: «لَا يَدْخُلُ الْجَنَّةَ قَاطِعُ رَحِمٍ».
हदीस की व्याख्या: जन्नत में वह व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा, जो रिश्ते-नातों…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जिसने अपने रिश्तेदारों को उनके वाजिब अधिकारों से वंचित रखा, उनको कष्ट दिया या उनके साथ बुरा व्यवहार किया, वह इस बात का हक़दार है कि जन्नत में प्रवेश न करे।
सीख: जन्नत में वह व्यक्ति प्रवेश नहीं करेगा, जो रिश्ते-नातों…
- रिश्तेदारों से संबंध तोड़ना कबीरा गुनाह है।
- रिश्ते-नातों को निभाने का काम आम प्रचलन के अनुसार किया जाएगा। इसमें स्थानों, समयों और व्यक्तियों के अनुसार भिन्नता पाई जाती है।
- रिश्ते-नातों को निभाने का काम रिश्तेदारों का हाल जानने के लिए जाना, उनको सदक़ा देना, उनके साथ अच्छा व्यवहार करना, वे बीमार हो जाएँ तो हाल जानने के लिए जाना, उनको भलाई का आदेश देना तथा बुराई से रोकना आदि से होता है।
- रिश्ता जितने क़रीबी रिश्तेदार का तोड़ा जाएगा, गुनाह उतना ज़्यादा होगा।
श्रेणियाँ :
फ़ज़ीलतें
· रिश्तों-नातों को निभाने की फ़ज़ीलतें
· फ़ज़ीलतें तथा आदाब
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
سبحان الله
अल्लाह की पवित्रता है