इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > जिसे ख़ुशबू भेंट की जाए, वह उसे न लौटाए। क्योंकि वह उठाने में हलकी तथा सुगंधित होती है।
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أبي هريرة رضي الله عنه مرفوعاً: «من عُرِضَ عليه رَيْحَانٌ فلا يرده، فإنه خفيف الْمَحْمِلِ، طيب الريح».
जिसे खुशबू भेंट की जाए या खुशबू लगाने की पेशकश की जाए, उसे ग्रहण कर लेना चाहिए। क्योंकि एक तो उसे साथ रखना कुछ कठिन नहीं है और फिर उसका गंध भी अच्छा होता है।
श्रेणियाँ : शरई आदाब · ज़ियारत तथा प्रवेश की अनुमति माँगने के आदाब · फ़ज़ीलतें तथा आदाब