जब कोई बंदा किसी वस्तु पर धिक्कार करता है, तो धिक्कार आकाश की ओर चल देता है, लेकिन उसके लि…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जब कोई बंदा किसी वस्तु पर धिक्कार करता है, तो धिक्कार आ…

عن أبي الدرداء رضي الله عنه مرفوعاً: «إن العبد إذا لعن شيئًا، صَعَدَتِ اللعنةُ إلى السماء، فَتُغْلَقُ أبوابُ السماء دونها، ثم تَهْبِطُ إلى الأرض، فَتُغْلَقُ أبوابُها دونها، ثم تأخذ يمينًا وشمالاً، فإذا لم تجد مَسَاغًا رجعت إلى الذي لُعِنَ، فإن كان أهلا لذلك، وإلا رجعت إلى قائِلها»

हदीस की व्याख्या: जब कोई बंदा किसी वस्तु पर धिक्कार करता है, तो धिक्कार आ…

जब बंदा किसी चीज़ पर अपनी ज़बान से लानत करता है, तो उसकी यह लानत आकाश की ओर चढ़ती है। लेकिन आकाश के द्वार उसके लिए बंद होते हैं। अतः वह धरती की ओर लौटने लगती है। मगर धरती के द्वार भी उसके लिए बंद हो जाते हैं और वह उसमें प्रवेश नहीं कर पाती। फिर वह दाएँ-बाएँ जाती है। यदि उसे कोई मार्ग या स्थान नहीं मिलता, तो उस चीज़ की ओर लौट जाती है, जिसपर लानत की गई है। अब यदि वह चीज़ लानत की अधिकारी है, तो उसके पास रह जाती है और अगर नहीं है, तो लानत करने वाले की ओर लौट जाती है और उसी से चिपक जाती है।

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الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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