एहराम बाँधे व्यक्ति का ऐसे शिकार का मांस खाना, जिसे उसके लिए शिकार न किया गया हो और उसने श…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: एहराम बाँधे व्यक्ति का ऐसे शिकार का मांस खाना, जिसे उसक…

عن أبي قَتَادَةَ الأنصاري رضي الله عنه «أن رسول الله صلى الله عليه وسلم خرج حاجًّا، فخرجوا معه، فصرف طائفة منهم -فيهم أبو قَتَادَةَ- وقال: خذوا ساحِل البحر حتى نَلْتَقِيَ. فأخذوا ساحل البحر، فلما انصرفوا أحرموا كلهم، إلا أبا قَتَادَةَ فلم يُحرم، فبينما هم يسيرون إذ رأوا حُمُرَ وَحْشٍ، فحمل أبو قَتَادَةَ على الْحُمُرِ، فَعَقَرَ منْها أَتَانَاً، فنزلنا فأكلنا من لحمها، ثم قلنا: أنأكل لحم صيد، ونحن محرمون؟ فحملنا ما بقي من لحمها فأدركنا رسول الله صلى الله عليه وسلم ، فسألناه عن ذلك؟ فقال: منكم أحد أمره أن يحمل عليها، أو أشار إليها؟ قالوا: لا، قال: فكلوا ما بقي من لحمها»، وفي رواية: «قال: هل معكم منه شيء؟ فقلت: نعم، فناولته الْعَضُدَ ، فأكل منها».

हदीस की व्याख्या: एहराम बाँधे व्यक्ति का ऐसे शिकार का मांस खाना, जिसे उसक…

अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हुदैबिया के साल उमरा के इरादे से निकले। लेकिन, मदीना वालों के लिए एहराम बाँधने के निर्धारित स्थान यानी ज़ुल-हुलैफ़ा, जो उसके निकट ही है, तक पहुँचने से पहले ही आपको सूचना मिली कि सागर तट की ओर से कुछ दुश्मन आपकी ओर आ रहे हैं। ऐसे में, अपने कुछ साथियों को, जिनमें अबू क़तादा भी शामिल थे, आदेश दिया कि दाएँ ओर होकर सागर तट का रास्ता पकड़कर चल पड़ें, ताकि शत्रुओं को रोका जा सके। सो, वे चल पड़े। जब निर्धारित समय पर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का साथ पकड़ने के लिए मुड़े, तो अबू क़तादा को छोड़कर बाकी लोगों ने एहराम बाँध लिया। वे चल ही रहे थे कि कुछ जंगली गधे नज़र आए और उनके दिल में यह ख़्याल आया कि काश अबू क़तादा उन्हें देख लेते, क्योंकि उन्होंने एहराम नहीं बाँधा था। हुआ भी वैसा ही। अबू क़तादा ने उन्हें देख लिया और हमला कर दिया तथा एक जंगली गधी को पकड़ भी लिया। फिर सबने उसका मांस खाया।

लेकिन बाद में यह संदेह पैदा हो गया कि क्या वे एहराम की अवस्था में उसका मांस खा सकते थे या नहीं? सो, उन्होंने बचा हुआ मांस रख लिया। जब अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से मिले, तो आपसे इसके बारे में पूछा। आपने पहले यह पता किया कि क्या उनमें से किसी ने जानवर को मारने का आदेश दिया था या इस कार्य में उसकी सहायता की थी, जैसे चिह्नित करना अथवा इशारा करना आदि? तो उन्होंने जवाब दिया कि उनसे इस प्रकार का कोई काम नहीं हुआ है।

इतना जान लेने के बाद आपने उन्हें यह इतमीनान दिलाने के लिए कि यह हलाल है, बाकी मांस को खाने का आदेश दिया और खुद उसमें से खाया।

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निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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