सारी प्रशंसा अल्लाह की है, जिसने शैतान के फ़रेब को बुरे ख़याल की ओर फेर दिया।
इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > सारी प्रशंसा अल्लाह की है, जिसने शैतान के फ़रेब को बुरे ख़याल की ओर फेर दिया।
हदीस वर्णनकर्ता: इसे अबू दावूद ने तथा नसई ने अल-कुबरा में रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समय
हदीस का पाठ: सारी प्रशंसा अल्लाह की है, जिसने शैतान के फ़रेब को बुरे…
عن ابن عباس رضي الله عنهما قال: جاءَ رجُلُ إلى النبي صلى الله عليه وسلم فقال: يا رسولَ اللهِ، إن أحدنا يجدُ في نفسِهِ -يُعرِّضُ بالشَّيءِ- لأَن يكونَ حُمَمَةً أحَبُّ إليه من أن يتكلَّم بِهِ، فقال: «اللهُ أكبرُ، اللهُ أكبرُ، الحمدُ لله الذي ردَّ كيدَه إلى الوسوسَةِ».
हदीस की व्याख्या: सारी प्रशंसा अल्लाह की है, जिसने शैतान के फ़रेब को बुरे…
एक व्यक्ति अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के पास आया और कहा : ऐ अल्लाह के रसूल! हम में से किसी-किसी के दिल में ऐसी बातें आजाती हैं, जिसके बारे में बात करना इतना कठिन है कि राख बन जाना उसे बोलने से प्रिय लगता है। यह सुन अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने दो बार अल्लाहु अकबर कहा और अल्लाह की प्रशंसा की कि उसने शैतान के षडयंत्र को बुरे ख़याल तक ही सीमित रख दिया।
सीख: सारी प्रशंसा अल्लाह की है, जिसने शैतान के फ़रेब को बुरे…
- शैतान को जैसे ही अवसर मिलता है, ईमान वालों के दिलों में बुरे ख़याल डाल देता है, ताकि उनको ईमान के मार्ग से हटाकर अविश्वास के मार्ग पर लगा सके।
- ईमान वालों के सामने शैतान कमज़ोर पड़ जाता है। वह दिल के अंदर बुरे ख़याल डालने से आगे नहीं बढ़ पाता।
- मोमिन को शैतान के द्वारा दिल में डाले गए बुरे ख़यालों को अस्वीकार करना और उनका मुक़ाबला करना चाहिए।
- कोई अच्छी चीज़ नज़र आने पर या किसी बात पर आश्चर्य होने पर अल्लाहु अकबर कहना चाहिए।
- एक मुसलमान को जो भी बात समझ में न आए, जानकार लोगों से उसके बारे में पूछ लेना चाहिए।
श्रेणियाँ :
अक़ीदा
· सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह पर ईमान
· फ़रिश्तों पर ईमान
· जिन्न
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
الله أكبر
अल्लाह सबसे महान है