फरिश्ते पर हदीसें

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«फरिश्ते» पर 20 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

फरिश्ते पर हदीसों की सूची

ह़सन मैंने जिबरील को सिदरतुल मुनतहा के पास देखा, उनके छह सौ पर थे सह़ीह़ मैंने जिबरील को सिदरतुल मुनतहा के पास देखा, उनके छह सौ पर थे, उनके परों से विभिन्न रंगों के मोती और माणिक झड़ रहे थे ह़सन इसरा की रात जब मैं (फ़रिश्तों की) उच्चतम सभा में जिबरील के निकट से गुज़रा, तो (सर्वशक्तिमान) अल्लाह के भय के कारण उनकी हालत पतले पुराने कपड़े की तरह थ सह़ीह़ मुझे इस बात की अनुमति दी गई है कि अर्श को उठाने वाले फ़रिश्तों में से एक फ़रिश्ते के बारे में बताऊँ, दरअसल, उसकी कर्णपाली (कान की लौ) से कंधे तक की दू ह़सन तुम्हारे साथी हनज़ला को फ़रिश्ते स्नान दे रहे हैं, ज़रा उनकी पत्नी से पूछो तो सही कि बात क्या है? सह़ीह़ जब आदम (अलैहिस्सलाम) की मृत्यु हुई, तो फ़रिश्तों ने उन्हें पानी से विषम संख्या में स्नान दिया और क़ब्र में दफ़न किया तथा कहा कि आदम की यह सुन्नत उनकी सह़ीह़ एक रात उसैद बिन हुज़ैर (रज़ियल्लाहु अनहु) अपने खलिहान में क़ुरआन पढ़ रहे थे कि उनका घोड़ा बिदकने लगा, उन्होंने फिर पढ़ना शुरू किया, तो फिर बिदकने लगा, सह़ीह़ अल्लाह के कुछ फ़रिश्ते हैं, जो धरती में घूमते फिरते हैं, वे मुझे मेरी उम्मत का सलाम पहुँचाते हैं सह़ीह़ अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) का बद्र के दिन यह कहना कि "यह हैं जिबरील, अपने घोड़े का सर थामे हुए और युद्ध के अस्त्र- शस्त्र से लैस" सह़ीह़ ऐसा लगता है कि आज भी मैं बनी ग़नम की गली में वह उड़ती हुई धूल देख रहा हूँ, जो जिबरील (सलवातुल्लाहि अलैहि) के क़ाफ़िले से उठी थी, जब वह अल्लाह के रसूल सह़ीह़ यही वह सहाबी हैं, जिनके लिए अर्श हिल उठा, आकाश के द्वार खोले गए और उनके जनाज़े में सत्तर हज़ार फ़रिश्ते उपस्थित रहे, (इसके बावजूद) उन्हें क़ब्र के अंद सह़ीह़ हम अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास रहकर चर्मपत्रों से क़ुरआन एकत्र कर रहे थे, इसी बीच आपने कहा: शाम की धरती धन्य है! सह़ीह़ आप हमारे पास जितनी बार आते हैं, उससे अधिक क्यों नहीं आते? ह़सन लि-ग़ैरिही (अन्य सनदों अथवा रिवायतों के साथ मिलकर हसन) मैं वह कुछ देखता हूँ, जो तुम नहीं देखते। आकाश चरचराता है और उसका चरचराना उचित भी है। उसमें चार उंगली की भी कोई ऐसी जगह नहीं है, जहाँ कोई फ़रिश्ता पेशा सह़ीह़ जिबरील (अलैहिस्सलाम), अल्लाह के नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आकर बोले कि आप लोग बद्र के युद्ध में शामिल रहने वाले सहाबा को अपने अंदर कैसा मान सह़ीह़ जिबरील (अलैहिस्सलाम) नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास बैठे हुए थे कि ऊपर से एक आवाज़ सुनी। सह़ीह़ अल्लाह ने गर्भाशय के साथ एक फ़रिश्ता लगा रखा है, वह कहता हैः ऐ रब! यह अभी वीर्य है। ऐ रब! यह अभी जमे हुए ख़ून की शक्ल में है। ऐ रब! यह अभी गोश्त का लो स़ह़ीह़ हमें अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने, जो कि सच्चे थे और जिनकी सच्चाई सर्वमान्य थी, बताया है : तुममें से हर व्यक्ति की सृष्टि-सामग्री उसकी म सह़ीह़ फ़रिश्ते नूर से पैदा किए गए हैं, जिन धधकती आग से पैदा किए गए हैं और आदम (अलैहिस्सलाम) उस चीज़ से पैदा किए गए हैं, जिसके बारे में तुम्हें बताया गया है। स़ह़ीह़ फ़रिश्ते उन लोगों के साथ नहीं होते, जिनके साथ कुत्ता या घंटी हो।
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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