कोई भी वस्तु तराज़ू में अच्छे आचरण से ज़्यादा भारी नहीं होगी और अल्लाह ऐसे व्यक्ति से नफ़र…

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हदीस वर्णनकर्ता: इस ह़दीस़ को अबू दावूद और तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: कोई भी वस्तु तराज़ू में अच्छे आचरण से ज़्यादा भारी नहीं…

हदीस की व्याख्या: कोई भी वस्तु तराज़ू में अच्छे आचरण से ज़्यादा भारी नहीं…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि क़यामत के दिन मोमिन के पलड़े में उसके कथनों एवं कर्मों में सबसे ज़्यादा वज़नी वस्तु होगी, अच्छा आचरण। अच्छे आचरण का अर्थ है, हँसकर मिलना, तकलीफ देने से बचना और भला करना। अल्लाह बुरा काम करने वाले, बुरी बात कहने वाले और बद-ज़बानी करने वाले इन्सान से नफ़रत करता है।

सीख: कोई भी वस्तु तराज़ू में अच्छे आचरण से ज़्यादा भारी नहीं…

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بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
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13 दिनों में अमावस्या
لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद