मुर्ग़े को गाली मत दो, क्योंकि वह नमाज़ के लिए जगाता है
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे नसाई ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।
सह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: मुर्ग़े को गाली मत दो, क्योंकि वह नमाज़ के लिए जगाता है
عن زيد بن خالد الجُهني رضي الله عنه مرفوعاً: «لا تَسُبُّوا الدِّيْك فإنه يُوْقِظ للصلاة».
हदीस की व्याख्या: मुर्ग़े को गाली मत दो, क्योंकि वह नमाज़ के लिए जगाता है
श्रेणियाँ :
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मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
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