उनके पास वापस जाओ और उनसे अनुमति माँगो। यदि दोनों अनुमति दे दें, तो जिहाद में शामिल हो, वर…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।

शवाहिद के आधार पर सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: उनके पास वापस जाओ और उनसे अनुमति माँगो। यदि दोनों अनुमत…

عن أبي سعيد الخدري أن رجلًا هاجر إلى رسول الله صلى الله عليه وسلم من اليمن فقال: «هل لك أحَدٌ باليمن؟»، قال: أَبَوَاي، قال: «أَذِنَا لك؟» قال: «لا»، قال: «ارْجِعْ إليهما فاستأذِنْهُما، فإنْ أَذِنَا لَكَ فَجَاهِدْ، وإلا فَبِرَّهُمَا».

हदीस की व्याख्या: उनके पास वापस जाओ और उनसे अनुमति माँगो। यदि दोनों अनुमत…

इस हदीस में है कि एक व्यक्ति यमन से आया कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से जिहाद की अनुमति तलब करे। आपने उसके माता-पिता के बारे में पूछा और यह जानना चाहा कि उसने उनकी अनुमति ली है या नहीं, तो पता चला कि उसने उनकी अनुमति नहीं ली है। अतः आपने उसे आदेश दिया कि अपने माता-पिता के पास वापस चला जाए, उनके साथ अच्छा व्यवहार करे और उनकी सेवा करे। इस हदीस से मालूम हुआ कि जिहाद के लिए माता-पिता की अनुमति लेना आवश्यक है।

श्रेणियाँ : फ़ज़ीलतें · माता-पिता के साथ अच्छा व्यवहार करने की फ़ज़ीलतें · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

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لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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