सुलैमान बिन दाऊद (अलैहिमस्सलाम) ने फ़रमायाः आज रात मैं सत्तर स्त्रियों के पास जाऊँगा, उनमे…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: सुलैमान बिन दाऊद (अलैहिमस्सलाम) ने फ़रमायाः आज रात मैं…

عن أبي هُريرة رضي الله عنه عن النبيِّ صلى الله عليه وسلم قال: "قال سليمان بن داود -عليهما السلام-: لَأَطُوفنَّ الليلةَ على سَبْعينَ امرأةً، تَلِدُ كلُّ امرأةٍ منهن غُلامًا يقاتلُ في سبيلِ الله، فقِيل له: قل: إن شاءَ الله، فلم يَقُلْ، فطافَ بهنَّ، فلم تَلِدْ منهن إلا امرأةٌ واحدةٌ نصفَ إنسانٍ". قال: فقال رسولُ الله صلى الله عليه وسلم : "لو قالَ: إن شاء الله لم يَحْنَثْ، وكان دَرَكًا لحاجتهِ".

हदीस की व्याख्या: सुलैमान बिन दाऊद (अलैहिमस्सलाम) ने फ़रमायाः आज रात मैं…

अल्लाह के नबी सुलैमान -अलैहिस्सलाम- ने अपने साथ बैठे एक आदमी से फ़रमाया कि वह एक ही रात में अपनी सत्तर पत्नियों से सहवास करेंगे। याद रहे कि इतनी संख्या में शादी या तो उनकी शरियत में जायज़ थी या फिर यह उनकी विशेषता थी। नीयत यह थी कि सारी पत्नियों से एक-एक बच्चा होगा, जो अल्लाह के रास्ते में जिहाद करेगा। यह सुन उनके साथ बैठे आदमी ने कहा कि इन शा अल्लाह कह लें। लेकिन वह इन शा अल्लाह कहना भूल गए और सारी पत्नियों से सहवास किया। लेकिन केवल एक पत्नी के सिवा किसी ने बच्चे का जन्म नहीं दिया। उसने भी जन्म दिया तो एक अधूरे बच्चे को। नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने बताया कि यदि सुलैमान -अलैहिस्सलाम- ने इन शा अल्लाह कह दिया होता, तो उनकी क़सम भी नहीं टूटती और उनकी चाहत भी पूरी हो जाती।

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13 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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