इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > अपने पास कुछ माल जमा रखो, यह तुम्हारे हित में बेहतर है
सह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 2 मिनट पढ़ने का समयعن كَعْب بن مالك رضي الله عنه قال: قلتُ: يا رسولَ الله، إن مِن تَوبتي أن أَنْخَلِعَ مِنْ مالي؛ صدقةً إلى الله وإلى رسولِه، فقال رسولُ الله صلى الله عليه وسلم : "أمسِكْ عليك بعضَ مالِكَ؛ فهو خيرٌ لكَ".
काब बिन मालिक -अल्लाह उनसे प्रसन्न हो- उन तीन सहाबा में से एक हैं, जो बिना किसी उचित कारण और बिना निफ़ाक़ के तबूक युद्ध से पीछे रह गए थे। जब नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- युद्ध से वापस आए, तो उनका बहिष्कार किया तथा लोगों को भी उनके बहिष्कार का आदेश दिया। इस तरह, वे अलग-थलग पड़े रहे, यहाँ तक कि उनकी क्षमा से संबंधित आयत अवतरित हुई और अल्लाह उनसे प्रसन्न हो गया। फिर, रसूल और सहाबा भी उनसे संतुष्ट हो गए। चुनांचे काब -रज़ियल्लाहु अनहु- अल्लाह के प्रसन्न होने और उनकी तौबा स्वीकार होने से इतना उत्साहित हुए कि अपना सारा धन अल्लाह की प्रसन्नता की प्राप्ति के लिए सदक़ा कर देने की इच्छा व्यक्त की। लेकिन नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने उनकी रहनुमाई करते हुए फ़रमाया कि कुछ धन अपने पास रख लो। क्योंकि अल्लाह ने उनकी सच्ची नीयत एवं पूरी निष्ठा के साथ क्षमा याचना के कारण उन्हें क्षमा कर दिया था और अब इसकी आवश्यकता नहीं रह गई थी। साथ ही अल्लाह किसी पर उसकी ताक़त से अधिक बोझ भी नहीं डालता। इसके बाद उन्होंने अपना कुछ धन अल्लाह की प्रसन्नता से संतुष्ट होकर और आख़िरत के लिए जमा रखने के इरादे से खर्च कर दिया और कुछ अपने पास रखा, ताकि अपनी और अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। अल्लाह अपने बंदों पर बड़ा दयालु है।
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