जिसने किसी बात पर जान-बूझकर इस्लाम के अतिरिक्त किसी अन्य धर्म की झूठी क़सम खाई, तो वह वैसा…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जिसने किसी बात पर जान-बूझकर इस्लाम के अतिरिक्त किसी अन्…

عن ثابِت بْن الضَّحَاكِ رضي الله عنه أنه بايع رسول الله صلى الله عليه وسلم تحت الشجرة، وأن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: «من حلف على يمين بملة غير الإسلام، كاذبا مُتَعَمِّدًا فهو كما قال، ومن قتل نفسه بشيء عُذِّبَ به يوم القيامة، وليس على رجل نَذْرٌ فيما لا يملك» وَفِي رِوَايَة: «ولَعْنُ المؤمنِ كَقَتْلِهِ». وفي رواية: «من ادَّعَى دَعْوَى كَاذِبَةً لِيَتَكَثَّرَ بها لم يَزِدْهُ اللهُ -عزَّ وجل- إلا قِلَّةً».

हदीस की व्याख्या: जिसने किसी बात पर जान-बूझकर इस्लाम के अतिरिक्त किसी अन्…

साबित बिन ज़ह्हाक अंसारी -रज़ियल्लाहु अनहु- (जो हुदैबिया के दिन पेड़ के नीचे बैअत करने वालों में शामिल थे) अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से वर्णन करते हैं कि आपने कई बातें कहीं हैं, जिनमें एक यह है कि जो इस्लाम के सिवा किसी दूसरे धर्म की क़सम खाए, जैसे जान-बूझकर झूठी क़सम खाते हुए कहे कि अगर ऐसा और ऐसा है, तो वह यहूदी, ईसाई, मजूसी, काफ़िर अथवा अल्लाह तथा उसके रसूल से बरी है, तो वह सचमुच उन काफ़िर धर्मों में से किसी एक का मानने वाला ठहरेगा, जिनकी ओर अपनी निसबत की है।

इसी तरह जो तलवार, छुरी, गोली अथवा किसी अन्य हथियार से आत्महत्या करेगा, उसे क़यामत के दिन उसी के द्वारा यातना दी जाएगी।

जो ऐसी वस्तु की मन्नत माने, जिसका वह मालिक नहीं है, जैसे किसी और के दास को मुक्त करने की मन्नत माने अथवा किसी दूसरे के धन से सदक़ा करने की मन्नत माने, उसकी मन्नत सही नहीं होगी, इसलिए कि उसका मन्नत मानना ही उचित नहीं था।

जो किसी मोमिन पर लानत करता है, मानो वह उसकी हत्या करता है। इसलिए कि लानत करने वाला और हत्या करने वाला दोनों अल्लाह की पवित्रता को पामाल करने वाले तथा पापी और यातना के हक़दार हैं।

जो झूठे दावे करता है, जैसे धन, ज्ञान, वंश अथवा मनसब का झूठा दावा करके अभिमान करता है, अल्लाह उसे रुसवा तथा अपमानित करेगा। इसलिए कि उसने स्वयं को ऐसी वस्तु द्वारा ऊँचा करना चाहा, जो उसके पास नहीं है, इसलिए उसका बदला भी उसी के अनुसार होगा।

श्रेणियाँ : मामलात पर आधारित फ़िक़्ह · क़समें और सन्नतें · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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