जो किसी महरम रिश्तेदार (दास) का मालिक हो, तो वह (दास उसके आज़ाद किए बिना) आज़ाद है।
इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > जो किसी महरम रिश्तेदार (दास) का मालिक हो, तो वह (दास उसके आज़ाद किए बिना) आज़ाद है।
हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे तिर्मिज़ी ने रिवायत किया है। - इसे अबू दाऊद ने रिवायत किया है। - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।
सह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: जो किसी महरम रिश्तेदार (दास) का मालिक हो, तो वह (दास उस…
عن سمرة قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : «من مَلَكَ ذا رَحِمٍ مَحْرَمٍ فهو حُرٌّ».
हदीस की व्याख्या: जो किसी महरम रिश्तेदार (दास) का मालिक हो, तो वह (दास उस…
श्रेणियाँ :
मामलात पर आधारित फ़िक़्ह
· दास मुक्त करना
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
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बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
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