तुम अपनी सफ़ों को ज़रूर सीधी करो, अन्यथा अल्लाह तुम्हारे बीच मतभेद डाल देगा (दूसरा अर्थः त…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है। - इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: तुम अपनी सफ़ों को ज़रूर सीधी करो, अन्यथा अल्लाह तुम्हार…

عن النعمان بن بشير رضي الله عنه مرفوعاً: «لَتُسَوُّنَّ صُفُوفَكُم أو لَيُخَالِفَنَّ الله بين وُجُوهِكُم».
وفي رواية: «كان رسول الله صلى الله عليه وسلم يُسَوِّي صُفُوفَنَا، حتى كَأَنَّمَا يُسَوِّي بها القِدَاح، حتَّى إِذَا رأى أَنْ قد عَقَلْنَا عَنهُ، ثم خَرَج يومًا فَقَام، حتَّى إِذَا كاد أن يُكَبِّرُ، فَرَأَى رَجُلاً بَادِيًا صَدرُهُ، فقال: عِبَادَ الله، لَتُسَوُّنَّ صُفُوفَكُم أو لَيُخَالِفَنَّ الله بين وُجُوهِكُم».

हदीस की व्याख्या: तुम अपनी सफ़ों को ज़रूर सीधी करो, अन्यथा अल्लाह तुम्हार…

इस हदीस में रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने इस बात की ताकीद की है कि अगर सफ़ों को बराबर नहीं किया गया, तो अल्लाह उन लोगों के मतो में विभेद डाल देगा, जिनकी सफ़ें टेढ़ी रह गईं और उनको सीधी करने पर ध्यान नहीं दिया। अतः, सफ़ में कोई आगे रहा तो कोई पीछे और नमाज़ियों के बीच में खाली स्थान भी छोड़ दिए।

प्यारे रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) जहाँ अपने साथियों को बताकर सिखाते थे, वहीं अमली तौर पर भी उन्हें प्रशिक्षण देते थे। चुनांचे आप हर नमाज़ के समय उनकी सफ़ें खुद अपने हाथों से सीधी करते रहे, यहाँ तक कि जब आपको लगा कि वे अच्छी तरह से समझ गए हैं, तो इस सिलसिले को बंद कर दिया। फिर एक दिन नमाज़ के समय अपने एक साथी को देखा कि उनका सीना सफ़ से बाहर निकला हुआ है, तो नाराज़ हुए और कहाः "तुम अपनी सफ़ें ज़रूर सीधी रखो, अन्यथा अल्लाह तुम्हारे मतों में विभेद पैदा कर देगा।"

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निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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