अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मृत्यु तक रमज़ान के अंतिम दस दिनों में एतिकाफ़ कर…
इस्लाम > Hi > हदीस > इबदत पर आधरत फकह > अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मृत्यु तक रमज़ान के अंतिम दस दिनों में एतिकाफ़ कर…
हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समय
हदीस का पाठ: अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मृत्यु तक रमज़…
हदीस की व्याख्या: अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मृत्यु तक रमज़…
मुसलमानों की माता आइशा -रज़ियल्लाहु अनहा- बताती हैं कि नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- लैलतुल क़द्र (सम्मानित रात्रि) की तलाश में रमज़ान के अंतिम दस दिनों में पाबंदी के साथ एतिकाफ़ करते थे। मृत्यु तक आप ऐसा ही करते रहे। आपके बाद आपकी पत्नियों ने भी एतिकाफ़ किया।
सीख: अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मृत्यु तक रमज़…
- एतिकाफ़ मस्जिद में करना है। औरतें भी शरई निर्देशों का पालन करते हुए मस्जिद में एतिकाफ़ करेंगी, जब फ़ितने का भय न हो।
- अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- पाबंदी के साथ एतिकाफ़ करते थे, इसलिए रमज़ान के अंतिम दस दिनों में एतिकाफ़ करना ताकीदी बात है।
- एतिकाफ़ एक निरंतर रूप से जारी रहने वाली सुन्नत है, जो निरस्त नहीं हुई है, क्योंकि आपके बाद आपकी पत्नियों ने भी एतिकाफ़ किया।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· रोज़े
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· ऐतिकाफ़
بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
لا حول ولا قوة إلا بالله
अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं