इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत तथ आदब > मैंने अपने बाद कोई ऐसा फ़ितना नहीं छोड़ा, जो पुरुषों के हक़ में स्त्रियों से अधिक हानिकारक…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعن أسامة بن زيد رضي الله عنهما عن النبي صلى الله عليه وسلم قال: «مَا تَرَكْتُ بَعْدِي فِتْنَةً أَضَرَّ عَلَى الرِّجَالِ مِنَ النِّسَاءِ».
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि आपने अपने बाद ऐसी कोई आज़माइश नहीं छोड़ी, जो पुरुषों के हित में स्त्रियों से अधिक हानिकारक हो। स्त्री अगर उसके घर की है, तो उसके द्वारा की जाने वाली शरीयत की अवहेलना के कारण पुरुष को हानि होती है और अगर उसके परिवार की न हो, तो उसके साथ मिलने-जुलने और एकांत में रहने तथा इसके नतीजे में पैदा होने वाली बुराइयों के कारण पुरुष को हानि होती है।
श्रेणियाँ : दिलों को पिघलाने वाली बातें और नसीहतें · लालसा तथा शहवतों की मज़म्मत · फ़ज़ीलतें तथा आदाब