फ़ितना के समय इबादत मेरी ओर हिजरत करने की तरह है।
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: फ़ितना के समय इबादत मेरी ओर हिजरत करने की तरह है।
हदीस की व्याख्या: फ़ितना के समय इबादत मेरी ओर हिजरत करने की तरह है।
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने हमें फ़ितना व फ़साद, हत्या, विनाश और अराजकता के समय में अल्लाह की इबादत के लिए खुद को समर्पित करने का मार्गदर्शन किया है, और कहा है कि इसका सवाब अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ओर हिजरत करने के सवाब के बराबर है। इसका कारण यह है कि लोग इस तरह के समय में अल्लाह की इबादत से दूर हो जाते हैं और इससे कुछ ही लोग जुड़े होते हैं।
सीख: फ़ितना के समय इबादत मेरी ओर हिजरत करने की तरह है।
- फ़ितनों के दिनों फ़ितना व फ़साद से सुरक्षित रहने के लिए इबादत में व्यस्त हो जाने और अल्लाह से अपना रिश्ता जोड़ लेने की प्रेरणा।
- फ़ितनों तथा अचेतना के समयों में इबादत करने की फ़ज़ीलत का बयान।
- एक मुसलमान को फ़ितनों एवं अचेतना के स्थानों से दूर रहना चाहिए।
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بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
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अल्लाह की सारी प्रशंसा है