भलाई का प्रत्येक कार्य सदक़ा है।
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी ने जाबिर (रज़ियल्लाहु अन्हु) से और मुस्लिम ने हुज़ैफ़ा (रज़ियल्लाहु अन्हु) से रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: भलाई का प्रत्येक कार्य सदक़ा है।
عن جابر بن عبد الله رضي الله عنهما عن النبي صلى الله عليه وسلم قال: «كُلُّ مَعْرُوفٍ صَدَقَةٌ».
हदीस की व्याख्या: भलाई का प्रत्येक कार्य सदक़ा है।
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि हर प्रकार का उपकार तथा दूसरों को लाभान्वित करने का प्रयास, चाहे कथन के रूप में हो या कार्य के रूप में, सदक़ा है और उसका प्रतिफल मिलेगा।
सीख: भलाई का प्रत्येक कार्य सदक़ा है।
- सदक़ा केवल धन का एक भाग निकालने का ही नाम नहीं है, बल्कि उसके अंदर अपने कथन तथा कार्य द्वारा दूसरे का किया जाने वाला हर भला काम शामिल है।
- इस हदीस में दूसरों का भला करने और लाभ पहुँचाने की प्रेरणा दी गई है।
- किसी भी अच्छे काम को हेय दृष्टि से नहीं देखना चाहिए, चाहे वह थोड़ा ही क्यों न हो।
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بسم الله الرحمن الرحيم
बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
الحمد لله
अल्लाह की सारी प्रशंसा है