मैं निश्चित रूप से जानता हूँ कि कब तुम मुझ से ख़ुश रहती हो और कब मुझ से नाराज़ रहती हो।

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: मैं निश्चित रूप से जानता हूँ कि कब तुम मुझ से ख़ुश रहती…

عن عائشة رضي الله عنها قالت: قال لي رسول الله صلى الله عليه وسلم : «إنِّي لأعلمُ إذا كنتِ عنِّي راضيةً، وإذا كنتِ عليَّ غَضْبَى». قالت: فقلتُ: مِن أين تَعْرف ذلك؟ فقال: «أمَّا إذا كنتِ عني راضيةً، فإنكِ تقولين: لا وربِّ محمد، وإذا كنتِ علي غَضبى، قلتِ: لا وربِّ إبراهيم». قالت: قلتُ: أجل والله يا رسول الله، ما أهْجُرُ إلَّا اسمَك.

हदीस की व्याख्या: मैं निश्चित रूप से जानता हूँ कि कब तुम मुझ से ख़ुश रहती…

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بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद