मुझे उहुद युद्ध के अवसर पर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के सामने लाया गया। उस…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: मुझे उहुद युद्ध के अवसर पर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अ…

عن عبد الله بن عمر رضي الله عنهما قال: «عُرِضْتُ عَلَى رَسُولِ الله صلى الله عليه وسلم يوم أُحُدٍ، وَأَنَا ابْنُ أَرْبَعَ عَشْرَةَ؛ فَلَمْ يُجِزْنِي، وعرضت عليه يوم الخندق، وأنا ابنُ خَمْسَ عَشْرَةَ فَأَجَازَنِي».

हदीस की व्याख्या: मुझे उहुद युद्ध के अवसर पर अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अ…

अब्दुल्लाह बिन उमर -अल्लाह दोनों से प्रसन्न हो- बता रहे हैं कि जिस प्रकार सेना प्रमुख के सामने सेना को पेश किया जाता है, उसी प्रकार उहुद की जंग के समय मुझे अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के सम्मुख युद्ध में जाने के लिए लाया गया। यह हिजरत के तीसरे साल की बात है। उस समय उनकी आयु चौदह साल थी। नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लल्लम- ने उन्हें वापस कर दिया, इसलिए कि वह छोटे थे। फिर खनदक़ युद्ध के समय साल लाए गए। यह पाँचवी हिजरी की बात है और उस समय उनकी आयु पंद्रह साल थी। अबकी नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लल्लम- ने उन्हें युद्ध में शामिल होने की अनुमति दे दी। शायद वह उहुद युद्ध के समय चौदहवीं वर्ष के आरंभ में रहे होंगे और खंदक़ युद्ध के समय पंद्रहवीं वर्ष के अंत में।

श्रेणियाँ : सीरत-ए-नबवी · आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के द्वारा लड़े गए युद्ध एवं सैन्य कार्वाइयाँ · सीरत एवं इतिहास

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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