मैंने कभी अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को इस तरह खिल-खिलाकर हँसते हुए नहीं देखा…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: मैंने कभी अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को इस…
हदीस की व्याख्या: मैंने कभी अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को इस…
आइशा रज़ियल्लाहु अनहा बताती हैं कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम इस तरह खिलखिलाकर नहीं हंसते थे कि कौआ यानी गले के ऊपरी भाग में लटका मांस का टुकड़ा, नज़र आ जाए। आप केवल मुस्कुराया करते थे।
सीख: मैंने कभी अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को इस…
- अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम जब किसी चीज़ को पसंद करते या किसी चीज़ से खुश होते, तो बस मुस्कुरा दिया करते थे।
- इब्न-ए-हजर कहते हैं : मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम को इस तरह खिलखिलाकर हंसते हुए नहीं देखा कि आपका पूरा शरीर हंसने में लगा हो।
- बहुत ज़्यादा हंसना और ठहाके लगाना अल्लाह के नेक बंदों का तरीक़ा नहीं है।
- अत्यधिक हँसी व्यक्ति की गरिमा और लोगों के बीच उसके भय को नष्ट कर देती है।
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सीरत-ए-नबवी
· अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के गुण तथा आचरण
· आचरण संबंधी विशेषताएँ
· आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम का हँसना
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بسم الله الرحمن الرحيم
मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
الحمد لله
अल्लाह की सारी प्रशंसा है