इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > क़यामत के दिन सबसे अधिक कठोर यातना उन लोगों को होगी, जो अल्लाह की सृष्टि की समानता प्रकट क…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعَنْ عَائِشَةَ أُمِّ المُؤمنينَ رضي الله عنها قَالَتْ: دَخَلَ عَلَيَّ رَسُولُ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ، وَقَدْ سَتَرْتُ سَهْوَةً لِي بِقِرَامٍ فِيهِ تَمَاثِيلُ، فَلَمَّا رَآهُ هَتَكَهُ وَتَلَوَّنَ وَجْهُهُ وَقَالَ: «يَا عَائِشَةُ، أَشَدُّ النَّاسِ عَذَابًا عِنْدَ اللهِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ الَّذِينَ يُضَاهُونَ بِخَلْقِ اللهِ» قَالَتْ عَائِشَةُ: «فَقَطَعْنَاهُ فَجَعَلْنَا مِنْهُ وِسَادَةً أَوْ وِسَادَتَيْنِ».
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अनपी पत्नी आइशा रज़यल्लाहु अनहा के घर में प्रवेश किया, तो देखा कि उन्होंने अपने एक ताक पर एक कपड़ा डाल रखा है, जिसपर प्राण वाली चीज़ों की तस्वीरें हैं। उसे देखकर ग़ुस्से से आपके चेहरे का रंग बदल गया, आपने उसे खींचकर हटा दिया और फ़रमाया : क़यामत के दिन सबसे कठोर यातना का सामना उन लोगों को करना पड़ेगा, जो अपनी तस्वीरों द्वारा अल्लाह की सृष्टि की समानता प्रकट करते हैं। आइशा रज़ियल्लाहु अनहा कहती हैं : चुनांचे हमने उससे एक या दो तकिए बना लिए।
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