अल्लाह ने हर चीज़ के साथ अच्छे बर्ताव को अनिवार्य किया है

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: अल्लाह ने हर चीज़ के साथ अच्छे बर्ताव को अनिवार्य किया…

عن شداد بن أوس رضي الله عنه قال: ثِنْتَانِ حَفِظْتُهُمَا عَنْ رَسُولِ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ: «إِنَّ اللهَ كَتَبَ الْإِحْسَانَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ، فَإِذَا قَتَلْتُمْ فَأَحْسِنُوا الْقِتْلَةَ، وَإِذَا ذَبَحْتُمْ فَأَحْسِنُوا الذَّبْحَ، وَلْيُحِدَّ أَحَدُكُمْ شَفْرَتَهُ، فَلْيُرِحْ ذَبِيحَتَهُ».

हदीस की व्याख्या: अल्लाह ने हर चीज़ के साथ अच्छे बर्ताव को अनिवार्य किया…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि अल्लाह हम पर हर काम में एहसान को फ़र्ज़ किया है। एहसान का अर्थ है, अपने हर कार्य में सदैव अल्लाह का ध्यान रखना। अल्लाह की इबादत (उपासना) में, भला काम करते समय, और लोगों को कष्ट से बचाते समय भी। वध और ज़बह करते समय एहसान भी इसी के संदर्भ में आता है।

अतः क़िसास (प्रतिशोध) के तौर पर वध करते समय एहसान यह है कि वध करने का सबसे आसान, हल्का और जल्दी जान लेने वाला तरीक़ा अपनाया जाए।

जबकि ज़बह करते समय एहसान यह है कि जानवर पर रहम करते हुए हथियार को तेज़ कर लिया जाए, जानवर की नज़रों के सामने हथियार को तेज़ न किया जाए और दूसरे जानवरों के सामने इस तरह ज़बह न किया जाए कि वह देख रहे हों।

सीख: अल्लाह ने हर चीज़ के साथ अच्छे बर्ताव को अनिवार्य किया…

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بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
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13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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