उस व्यक्ति के पास (संपूर्ण) ईमान नहीं, जिसके पास अमानतदारी न हो और उस व्यक्ति के पास (संपू…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे अह़मद ने रिवायत किया है
ह़सन लि-ग़ैरिही (अन्य सनदों अथवा रिवायतों के साथ मिलकर ह़सन)
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: उस व्यक्ति के पास (संपूर्ण) ईमान नहीं, जिसके पास अमानतद…
हदीस की व्याख्या: उस व्यक्ति के पास (संपूर्ण) ईमान नहीं, जिसके पास अमानतद…
अनस बिन मालिक -रज़ियल्लाहु अनहु- बता रहे हैं कि ऐसा बहुत कम हुआ कि अल्लाह के नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने लोगों को संबोधित किया या उपदेश दिया और यह दो बातें न कहीं : 1- उस व्यक्ति का ईमान संपूर्ण नहीं है, जिसने किसी के साथ धन, प्राण या परिवार के संबंध में ख़यानत की है। 2- उस व्यक्ति का ईमान संपूर्ण नहीं है, जो वादा करके तोड़ देता हो और वादा पूरा न करता हो।
सीख: उस व्यक्ति के पास (संपूर्ण) ईमान नहीं, जिसके पास अमानतद…
- इस हदीस में अमानत अदा करने और वादा पूरा करने की प्रेरणा दी गई है। क्योंकि इन दो बातों का पालन न करने से ईमान कमज़ोर होता है।
- इस हदीस में अमानत में ख़यानत करने और वादा तोड़ने से सावधान किया गया है। यह दोनों कार्य बड़े गुनाहों में शामिल हैं।
- यह हदीस अमानत अदा करने तथा अल्लाह एवं बंदे के बीच होने वाले तथा इन्सानों से किए गए वादों को निभाने की शिक्षा देती है।
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बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
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