जब दो मुसलमान आपस में मिलते हैं और मुसाफ़हा करते हैं, तो उनके अलग होने से पहले-पहले उनको क…

इस्लाम > Hi > हदीस > फजलत > जब दो मुसलमान आपस में मिलते हैं और मुसाफ़हा करते हैं, तो उनके अलग होने से पहले-पहले उनको क…

हदीस वर्णनकर्ता: इस ह़दीस़ को अबू दावूद, तिर्मिज़ी, इब्न-ए-माजह और अह़मद ने रिवायत किया है

सभी सनदों के आधार पर स़़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: जब दो मुसलमान आपस में मिलते हैं और मुसाफ़हा करते हैं, त…

हदीस की व्याख्या: जब दो मुसलमान आपस में मिलते हैं और मुसाफ़हा करते हैं, त…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया कि जब दो मुसलमान किसी रास्ते आदि में मिलते हैं और एक-दूसरे को सलाम तथा मुसाफ़हा करते हैं, तो दोनों के अलग होने से पहले उनके गुनाह माफ़ कर दिए जाते हैं। याद रहे कि यहाँ अलग होने से मुराद शारीरिक रूप से अलग होना भी हो सकता है और मुसाफ़हा सम्पन्न करना भी।

सीख: जब दो मुसलमान आपस में मिलते हैं और मुसाफ़हा करते हैं, त…

श्रेणियाँ : फ़ज़ीलतें · शरई आदाब · सुकर्मों की फ़ज़ीलतें · सलाम करने तथा प्रवेश की अनुमति लेने के आदाब · फ़ज़ीलतें तथा आदाब

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद