मैं इस मामले में कोई कोताही नहीं करूँगा कि तुम्हें वैसी ही नमाज़ पढ़ाऊँ, जैसी अल्लाह के रस…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है।

सह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: मैं इस मामले में कोई कोताही नहीं करूँगा कि तुम्हें वैसी…

عن أنس رضي الله عنه أنه قال: «إني لا آلُو أن أُصَلِّيَ بكم كما كان رسول الله صلى الله عليه وسلم يُصَلِّي بنا، قال ثابت فكان أَنَس يصنع شيئا لا أراكم تصنعونه: كان إذا رفع رأسه من الركوع انْتَصَبَ قائما، حتى يقول القائل: قد نَسِيَ، وإذا رفع رأسه من السَّجْدَةِ مكث، حتى يقول القائل: قد نَسِيَ».

हदीस की व्याख्या: मैं इस मामले में कोई कोताही नहीं करूँगा कि तुम्हें वैसी…

अनस बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अंहु) कहा करते थे कि मैं पूरी कोशिश करूँगा कि तुम्हें उसी तरह नमाज़ पढ़ाऊँ, जैसे रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) हमें पढ़ाया करते थे। ताकि तुम उसका अनुसरण करते हुए उसी जैसी नमाज़ पढ़ सको।

साबित बुनानी कहते हैंः अनस (रज़ियल्लाहु अंहु) नमाज़ को संपूर्ण एवं सुंदर बनाने के लिए एक ऐसा काम करते थे, जो मैं तुम्हें करते हुए नहीं देखता हूँ। वह रुकू के बाद देर तक खड़े रहते और सजदे के बाद देर तक बैठे रहते। जब रुकू से सिर उठाते, तो सीधे खड़े रहते, यहाँ तक कि देर तक खड़े रहना देखकर कहने वाला कहताः आप भूल गए हैं कि रुकू तथा सजदे के बीच क़याम की हालत में हैं। और जब सजदे से सिर उठाते, तो इतनी देर बैठे रहते कि लंबी बैठक को देखकर कहने वाला कहताः आप भूल गए हैं।

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الله أكبر अल्लाह सबसे महान है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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