सहाबा पर हदीसें

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«सहाबा» पर 38 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

सहाबा पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ क्या मैं उस व्यक्ति से लज्जा न करूँ, जिससे फ़रिश्ते लज्जा करते हैं? ह़सन तुम्हारे साथी हनज़ला को फ़रिश्ते स्नान दे रहे हैं, ज़रा उनकी पत्नी से पूछो तो सही कि बात क्या है? सह़ीह़ एक रात उसैद बिन हुज़ैर (रज़ियल्लाहु अनहु) अपने खलिहान में क़ुरआन पढ़ रहे थे कि उनका घोड़ा बिदकने लगा, उन्होंने फिर पढ़ना शुरू किया, तो फिर बिदकने लगा, सह़ीह़ यही वह सहाबी हैं, जिनके लिए अर्श हिल उठा, आकाश के द्वार खोले गए और उनके जनाज़े में सत्तर हज़ार फ़रिश्ते उपस्थित रहे, (इसके बावजूद) उन्हें क़ब्र के अंद सह़ीह़ ऐ उमर! शैतान तुम से डरता है, मैं बैठा था, तो यह दफ़ बजाती रही, अबू बक्र आए तो बजाती रही, अली आए तो बजाती रही, उसमान आए तो भी बजाती रही, लेकिन ऐ उमर! ज सह़ीह़ हमारे पास अबू जुमुआ अंसारी आए और फ़रमाया: हम लोग दस व्यक्ति अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ थे, जिनमें मुआज़ बिन जबल (रज़ियल्लाहु अनह सह़ीह़ तुम आज शाम और रातभर चलोगे, तो कल इनशा अल्लाह पानी के स्थान तक पहुँच जाओगे स़ह़ीह़ ''मेरे सहाबा को बुरा-भला मत कहो। तुममें से कोई यदि उहुद पर्वत के बराबर सोना ख़र्च कर दे, तब भी उनके एक या आधा मुद खर्च करने के बराबर नेकी प्राप्त नहीं स़ह़ीह़ कोई ऐसा व्यक्ति जहन्नम हरगिज़ नहीं जाएगा, जो बद्र एवं हुदैबिया में शामिल रहा हो। सह़ीह़ ऐ अल्लाह, अनसार को क्षमा कर दे, अनसार के पुत्रों को क्षमा कर दे तथा अनसार के पुत्रों के पुत्रों को क्षमा कर दे। स़ह़ीह़ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने अबू बक्र और उमर रज़ियल्लाहु अनहुमा से फ़रमाया : "यह दोनों नबियों और रसूलों को छोड़ तमाम अगले और पिछले अधे सह़ीह़ अल्लाह ने सत्य को उमर की ज़ुबान और दिल में रख दिया है। सह़ीह़ मैंने जाफ़र को देखा कि जन्नत मैं फ़रिश्तों के साथ उड़ रहे हैं। सह़ीह़ हर उम्मत का एक 'अमीन' (जिसे अमानतदारी के कारण अन्य लोगों के मुक़ाबले में अधित ख्याति प्राप्त हो) होता है, और हमारी इस उम्मत का 'अमीन' अबू उबैदा बिन जर ह़सन उहुद युद्ध के दिन नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- दो-दो कवच पहने हुए थे। आप एक चट्टान पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन चढ़ नहीं पा रहे थे। ऐसे में, सह़ीह़ साद -रज़ियल्लाहु अन्हु- आए, तो नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने फ़रमायाः "यह मेरे मामा हैं। कोई व्यक्ति मुझे अपना मामा भी दिखाए!।" सह़ीह़ मैंने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को नहीं देखा कि साद -के बाद किसी पर अपने माँ-बाप को न्योछावर किया हो। मैंने आपको कहते हुए सुना हैः "तुम तीर चलाओ, सह़ीह़ ऐ अल्लाह, इसे सीधा रास्ता बताने वाला और सीधे रास्ते पर चलने वाला बना तथा इसके ज़रिए लोगों को सीधा रास्ता दिखा। सह़ीह़ अम्मार को जब भी दो बातों में से एक को चुनने का अधिकार दिया गया, तो उन्होंने उसे चुना, जो सत्य से अधिक निकट हो। सह़ीह़ आस के दोनों बेटे; अम्र और हिशाम, मोमिन हैं। स़ह़ीह़ मैं अच्छी तरह जानता हूँ कि तू एक पत्थर है। न हानि पहुँचा सकता है और न लाभ दे सकता है। यदि मैंने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को तुझे चूमते न देखा हो सह़ीह़ ऐ अमीरुल मोमेनीन, अल्लाह तआला ने अपने नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- से कहा हैः "خذ العفو وأمر بالعرف وأعرض عن الجاهلين" (अर्थात्, क्षमा करते रहें, भल स़ह़ीह़ मैं अल्लाह के निकट इस बात से बरी होने का एलान करता हूँ कि तुममें से कोई मेरा 'ख़लील' (अनन्य मित्र) हो। क्योंकि अल्लाह ने जैसे इबराहीम को 'ख़लील' बनाया स़ह़ीह़ अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने अंसार के बारे में फ़रमाया : "उनसे वही प्रेम करेगा, जो मोमिन होगा और उनसे वही द्वेष रखेगा, जो मुनाफ़िक़ होगा। सह़ीह़ ऐ हारिसा की माता, जन्नत में बहुत- सी श्रेणियाँ हैं और तुम्हारे बेटे ने उसकी सबसे ऊँची श्रेणी अल-फ़िरदौस प्राप्त कर ली है। सह़ीह़ कुछ लोग अल्लाह के नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए और कहा कि हमारे साथ कुछ लोगों को भेजें, जो हमें क़ुरआन और सुन्नत सिखाएँ। अतः आपने उनकी ओर स सह़ीह़ अगर मैं अपने इन खुजूरों को खाने तक जीवित रहा तो यह बड़ा लंबा जीवन होगा। अतः, अपने पास मौजूद खुजूरों को फेंक दिया और मुश्रिकों से लड़ने लगे, यहाँ तक कि सह़ीह़ अबू बक्र से कहो कि लोगों को नमाज़ पढ़ाएँ। स़ह़ीह़ मैं यह झंडा एक ऐसे व्यक्ति को दूँगा, जो अल्लाह और उसके रसूल से प्यार करता हो और अल्लाह उसके हाथों विजय प्रदान करेगा। सह़ीह़ उमर बिन ख़त्ताब (रज़ियल्लाहु अंहु) ने पहले हिजरत करने वाले मुहाजिरों के लिए पेंशन की राशि निर्धारित की। सह़ीह़ यदि तुम्हें मालूम हो जाता कि महान अल्लाह के निकट तुम्हारे लिए क्या रखा है, तो तुम चाहते कि तुम्हारी निर्धनता तथा हाजतमंदी और बढ़ जाए। सह़ीह़ एक व्यक्ति सूरा कह्फ़ पढ़ रहा था और उसके निकट ही एक घोड़ा रस्सियों से बंधा हुआ था। सह़ीह़ तुझे दाऊद वंश की बाँसुरियों में एक बाँसुरी दी गई है स़ह़ीह़ तुम अल्लाह से डरते रहना और अपने शासकों के आदेश सुनना तथा मानना। चाहे शासक एक हबशी ग़ुलाम ही क्यों न हो। तुम मेरे बाद बहुत ज़्यादा मतभेद देखोगे। अतः तु स़ह़ीह़ उसके पास जाओ और उसे बता दो कि वह जहन्नमी नहीं, बल्कि जन्नती है। स़ह़ीह़ तुम में सबसे उत्तम लोग मेरे ज़माने के लोग हैं, फिर वे जो उनके बाद आएँगे और फिर वे जो उनके बाद आएँगे। स़ह़ीह़ मैं तुम्हें अल्लाह से डरने तथा (अपने शासनकर्ता की) बात सुनने और मानने की वसीयत करता हूँ, चाहे तुम्हारा शासक एक दास ही क्यों न हो। क्योंकि तुममें से जो सह़ीह़ बेशक मेरे हाथों मूतह की जंग में नौ तलवारें टूटी हैं, मेरे हाथ में केवल एक यमनी तलवार रह गई थी
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
الله أكبر अल्लाह सबसे महान है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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