ऐ अल्लाह के रसूल! हम ज़िहाद को सबसे उत्तम कार्य समझते हैं, तो क्या हम जिहाद न करें? आपने उ…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: ऐ अल्लाह के रसूल! हम ज़िहाद को सबसे उत्तम कार्य समझते ह…
हदीस की व्याख्या: ऐ अल्लाह के रसूल! हम ज़िहाद को सबसे उत्तम कार्य समझते ह…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के साथी अल्लाह के मार्ग में जिहाद करने और दुश्मनों से लड़ने को सर्वश्रेष्ठ कार्यों में से एक समझते थे। अतः आइशा रज़ियल्लाहु अनहा ने जिहाद में शरीक होने की अनुमति माँगी,
तो आपने औरतों का मार्गदर्शन एक ऐसे अमल की ओर किया, जो उनके हक़ में सबसे अच्छा जिहाद है। वह अमल है, पवित्र क़ुरआन एवं सुन्नत के अनुरूप किया गया तथा गुनाह एवं रियाकारी से सुरक्षित हज।
सीख: ऐ अल्लाह के रसूल! हम ज़िहाद को सबसे उत्तम कार्य समझते ह…
- जिहाद पुरुषों के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्यों में से एक है।
- हज महिलाओं के लिए जिहाद से उत्तम है। हज औरतों के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्यों में से एक है।
- कार्यों की श्रेष्ठता में कार्य करने वालों के अनुसार भिन्नता पाई जाती है।
- हज को हज इसलिए कहा गया है कि हज करने वाले को आत्मा से लड़ना पड़ता है। इसमें धन ख़र्च होता है और शरीरिक बल का प्रयोग करना पड़ता है। हज भी अल्लाह के मार्ग में जिहाद की तरह शारीरिक एवं आर्थिक इबादत है।
श्रेणियाँ :
इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह
· हज तथा उमरा
· फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह
· हज तथा उमरा की फ़ज़ीलत
بسم الله الرحمن الرحيم
बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
الحمد لله
अल्लाह की सारी प्रशंसा है