जो सामर्थ्य होने के बावजूद क़ुरबानी न करे, वह हमारी ईदगाह के क़रीब भी न आए।

इस्लाम > Hi > हदीस > फकह तथ उसल ए फकह > जो सामर्थ्य होने के बावजूद क़ुरबानी न करे, वह हमारी ईदगाह के क़रीब भी न आए।

हदीस वर्णनकर्ता: इसे इब्ने माजा ने रिवायत किया है । - इसे अह़मद ने रिवायत किया है।

ह़सन

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: जो सामर्थ्य होने के बावजूद क़ुरबानी न करे, वह हमारी ईदग…

عن أبي هريرة، أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: «مَن كان له سَعَة، ولمْ يُضَحِّ، فلا يَقْرَبَنّ مُصَلّانا».

हदीस की व्याख्या: जो सामर्थ्य होने के बावजूद क़ुरबानी न करे, वह हमारी ईदग…

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · हज तथा उमरा · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · क़ुरबानी

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 16 जुमादा अल-अव्वल
الأربعاء 16 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 16.7 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद