हुदूद (शरई दंड) पर हदीसें

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«हुदूद (शरई दंड)» पर 42 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

हुदूद (शरई दंड) पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मस्जिद में थे कि एक मुसलमान आपके पास आया और बोलाः ऐ अल्लाह के रसूल! मैं व्यभिचार में लिप्त हो गया हूँ। सह़ीह़ नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास एक व्यक्ति को लाया गया, जिसने शराब पी रखी थी। आपने उसे एक खजूर की शाख़ से लगभग चालीस कोड़े लगवाए। सह़ीह़ नबी- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्ल्म- ने तीन दिरहम कीमत वाली ढाल चोरी करने के जुर्म में हाथ काटा। सह़ीह़ यहूदियों ने अल्लाह के रसूल- सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आकर कहा कि उनमें से एक पुरुष एवं एक स्त्री ने व्यभिचार किया है। सह़ीह़ हर वह पेय पदार्थ हराम है, जिसमें नशा हो। सह़ीह़ शराब हराम की गई, वह पाँच वस्तुओं से बनती थीः अंगूर, खजूर, मधु, गेहूँ और जौ से। सह़ीह़ एक मख़ज़ूमी स्त्री का मामला कुरैश की चिंता का कारण बना, जिसने चोरी की थी। स़ह़ीह़ चोर का हाथ एक चौथाई दीनार या उससे अधिक में काटा जाएगा। सह़ीह़ नबी (सल्ल्लाहु अलैहि व सल्लम) से उस दासी के बारे में पूछा गया, जो व्यभिचार में लिप्त हो गई हो और शादीशुदा न हो? स़ह़ीह़ अल्लाह की सीमाओं के उल्लंघन के अतिरिक्त किसी और अपराध पर किसी को दस कोड़ों से अधिक नहीं लगाया जाएगा। स़ह़ीह़ जिसने हमपर हथियार उठाया, वह हममें से नहीं है। सह़ीह़ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक व्यक्ति लाया गया, जिसने मदिरा पान कर रखा था, तो आपने फरमायाः "इसको मारो।" सह़ीह़ इसने ऐसी तौबा की है कि यदि उसे मदीने के सत्तर (70) लोगों के बीच बाँट दिया जाए, तो सबको काफ़ी हो जाए। क्या उसने इससे उत्तम भी कुछ पाया कि (सर्वशक्तिमान स़ह़ीह़ “किसी मुस्लिम व्यक्ति का रक्त बहाना केवल तीन परिस्थितियों में वैध है सह़ीह़ जुहैना नामक क़बीले की एक स्त्री नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास आई, जो व्यभिचार के कारण गर्भवती थी। सह़ीह़ कोड़े खाया हुआ व्यभिचारी अपने जैसी स्त्री ही से निकाह कर सकता है। स़ह़ीह़ अल्लाह उस व्यक्ति की ओर (दया की दृष्टि से) नहीं देखेगा, जो किसी मर्द या औरत के मलद्वार में संभोग करे। सह़ीह़ कोई मुसलमान, जो इस बात की गवाही देता हो कि अल्लाह के सिवा कोई सच्चा माबूद (उपास्य) नहीं और मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अल्लाह के रसूल हैं, उसका विभिन्न सनदों और शवाहिद के आधार पर सह़ीह़ बेटे का क़िसास (बदला) उसके पिता से नहीं लिया जाएगा सह़ीह़ जो स्वयं किसी कार्य को करने के लिए लालायित हो हम उसको अपने किसी कार्य के लिए उपयोग नहीं करते। परन्तु ऐ अबू मूसा, अथवा ऐ अब्दुल्लाह बिन क़ैस (यह अबू मू स़ह़ीह़ अल्लाह के अज़ाब (आग) से किसी को अज़ाब न दो। सह़ीह़ मुझसे सीख लो, मुझसे सीख लो। अल्लाह ने उनके लिए राह निकाल दी है (यानी व्यभिचारियों की समस्या का समाधान कर दिया है)। कुँवारा यदि कुँवारी के साथ व्यभिचार सह़ीह़ जब माइज़ बिन मालिक (रज़ियल्लाहु अन्हु) नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए (तथा अपने व्यभिचार व दुष्कर्म का इक़रार किया) तो आपने उनसे कहा : “हो स सह़ीह़ निःसंदेह अल्लाह ने मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- को सत्य के साथ भेजा है और आपके ऊपर (कुरआन नामक) किताब उतारी है। आपपर जो आयतें उतारी गईं हैं, उनम सह़ीह़ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने (कुँवारे को कुँवारी के साथ व्यभिचार करने पर) कोड़े मारे और नगर से निकाला, अबू बक्र (रज़ियल्लाहु अन्हु) ने भी कोड़े म ह़सन आइशा -रज़ियल्लाहु अन्हा- का यह बयान कि जब उनकी बराअत (बेगुनाही एवं सतीत्व) से संबंधित आयत उतरी, तो नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- मिंबर पर खड़े हुए तथ सह़ीह़ हिलाल बिन उमैया -रज़ियल्लाहु अन्हु- ने नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के सामने अपनी पत्नी पर शरीक बिन सहमा के साथ कुकर्म करने का आरोप लगाया, तो अल्लाह सह़ीह़ जिसने अपने दास अथवा दासी पर व्यभिचार का आरोप लगाया और वह उससे बरी है, उसे क़यामत के दिन कोड़े लगाए जाएँगे। हाँ, किंतु यदि बात वैसी ही हो, जैसी उसने कह सह़ीह़ चोर पर अल्लाह की लानत (धिक्कार) हो, वह अंडा चुराता है तो उसका हाथ काटा जाता है तथा रस्सी चुराता है तो उसका हाथ काटा जाता है। सह़ीह़ ख़यानत करने वाले, छीना-छोरी करने वाले और सामान उचक लेने वाले का हाथ नहीं काटा जाएगा। सह़ीह़ पेड़ में लटकते हुए फल तथा खजूर के पेड़ का गूदा -पिठ्ठा- चुराने पर हाथ नहीं काटा जाएगा। इसकी सनद ह़सन है। जो कुछ किसी ज़रूरतमंद ने खा लिया और कपड़े में नहीं रखा (तथा बाँधकर ले नहीं गया) उसपर जुर्माना नहीं है और जो व्यक्ति कुछ लेकर बाहर निकला, उसे जुर्माना सह़ीह़ मैं एक काले रंग की नक़्शेदार चादर ओढ़कर मस्जिद में सोया हुआ था, जिसका मूल्य तीस दिरहम था। इतने में एक व्यक्ति आया और मुझसे उचक ले गया। फिर वह व्यक्ति सह़ीह़ नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के पास एक व्यक्ति को लाया गया, जिसने शराब पी रखी थी। आपने उसे खजूर की दो शाखाओं से लगभग चालीस बार मारा। सह़ीह़ जब अल्लाह ने वह आयत उतारी, जिसमें शराब को हराम क़रार दिया है, तो उस समय मदीने में प्रयोग होने वाली सारी शराबें खजूर की होती थीं। सह़ीह़ अच्छे चाल-ढाल वाले लोगों की त्रुटियों को क्षमा करो, सिवाय शरई हदों के। सह़ीह़ अगर मैं किसी को शरई हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो मुझे कोई अफ़सोस न होगा। लेकिन अगर शराबी को हद लगाऊँ और वह मर जाए, तो उसकी दियत (हरजाना) दूँगा। क्योंकि अ स़ह़ीह़ उक्ल एवं उरैना क़बीलों के कुछ लोग (मदीना) आए और मदीने की आब व हवा रास न आने के कारण बीमार हो गए। ह़सन जिसने ख़ुद को शरई दंड का हक़दार बना लिया और उसे दुनिया में दंड दे दिया गया, तो अल्लाह का न्याय इस बात की अनुमति नहीं देता कि अपने बंदे को आख़िरत में द स़ह़ीह़ उसपर लानत न भेजो, अल्लाह की क़सम! मुझे मालूम है कि वह अल्लाह और उसके रसूल से प्रेम करता है। अल्लामा नववी रह़िमहुल्लाह कहते हैं : ह़दीस़ ह़सन है। अल्लाह तआला ने कुछ चीज़ें फ़र्ज़ की हैं; उन्हें नष्ट न करो, कुछ शरई दंड निर्धारित किए हैं; उनका उल्लंघन न करो, कुछ चीज़ें हराम की हैं; उनके निकट न जाओ सह़ीह़ उस ज़ात की क़सम, जिसके हाथ में मेरे प्राण हैं, मैं तुम्हारे बीच अल्लाह की पुस्तक के अनुसार ही निर्णय करूँगा। दासी और बकरियाँ तुम्हें वापस मिलेंगी। तुम
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद