तुम लिखा करो। उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मेरी जान है, इस (मुंह) से केवल सत्य ही निकलत…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे अबू दावूद ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: तुम लिखा करो। उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मेरी जान…

عن عبدِ الله بن عمرو رضي الله عنهما قال: كنتُ أكتبُ كلَّ شيءٍ أسمعُه من رسولِ الله صلَّى الله عليه وسلم أُريدُ حفْظَه، فنهتْني قريشٌ، وقالوا: أتكْتبُ كلَّ شيءٍ تَسمَعُه من رسول الله صلَّى الله عليه وسلم، ورسولُ الله صلَّى الله عليه وسلم بَشَرٌ يتكلَّمُ في الغضَبِ والرِّضا؟ فأمسَكتُ عن الكتاب، فذكرتُ ذلك لرسول الله صلَّى الله عليه وسلم، فأومأ بإصبَعِه إلى فيه، فقال: «اكتُبْ، فوالذي نفسي بيدِه، ما يَخرُجُ منه إلا حقٌّ».

हदीस की व्याख्या: तुम लिखा करो। उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मेरी जान…

अब्दुल्लाह बिन अम्र रज़ियल्लाहु अनहु कहते हैं : मैं अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से सुनी हुई हर बात को लिख लिया करता था, ताकि उसे लिखित रूप में सुरक्षित रखा जा सके। लेकिन क़ुरैश के कुछ लोगों ने मुझे इससे मना किया और कहा कि अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक इन्सान हैं और प्रसन्नता तथा क्रोध दोनों हालतों में बात करते हैं। हो सकता है कि कभी आप ग़लती भी कर बैठते हों। (इसलिए आपकी हर बात को लिखा मत करो।) चुनांचे मैंने लिखना बंद कर दिया।

फिर मैंने अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के सामने उनकी इस बात का ज़िक्र किया, तो आपने अपने मुँह की ओर इशारा करते हुए कहा कि; उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मेरी जान है! इस मुंह से हर हाल में सत्य ही निकलता है। रज़ामंदी की अवस्था में भी और क्रोध की अवस्था में भी।

खुद अल्लाह तआला ने अपने नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के बारे में फ़रमाया है : "और न वह अपनी इच्छा से बोलता है। वह तो केवल वह़्य है, जो उतारी जाती है।" [सूरा नज्म 3-4]

सीख: तुम लिखा करो। उस हस्ती की क़सम, जिसके हाथ में मेरी जान…

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الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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