क़ुरआन का रुकू 1 पढ़ें

रुकू 1 सूरह Al-Fatiha (आयत 1 से 7) से है। इसमें 7 आयतें हैं और यह जुज़ 1 में है।

28 अक्टूबर 2026 को 00h24 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में रुकू 1

7
आयतें
1
सूरह
1
जुज़
v.1 – v.7
आयतें

रुकू 1 में सूरह

الفاتحة · जुज़ 1
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سورة الفاتحة
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بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ ﴿1﴾

अल्लाह के नाम से जो रहमान व रहीम है।

ٱلْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ ٱلْعَـٰلَمِينَ ﴿2﴾

तारीफ़ अल्लाह ही के लिये है जो तमाम क़ायनात का रब है।

ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ ﴿3﴾

रहमान और रहीम है।

مَـٰلِكِ يَوْمِ ٱلدِّينِ ﴿4﴾

रोज़े जज़ा का मालिक है।

إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ ﴿5﴾

हम तेरी ही इबादत करते हैं, और तुझ ही से मदद मांगते है।

ٱهْدِنَا ٱلصِّرَٰطَ ٱلْمُسْتَقِيمَ ﴿6﴾

हमें सीधा रास्ता दिखा।

صِرَٰطَ ٱلَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ غَيْرِ ٱلْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا ٱلضَّآلِّينَ ﴿7﴾

उन लोगों का रास्ता जिन पर तूने इनाम फ़रमाया, जो माअतूब नहीं हुए, जो भटके हुए नहीं है।

بسم الله الرحمن الرحيم शनि 19 जुमादा अल-अव्वल
السبت 19 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 20.2 / 29.5
रोशनी 70%
9 दिनों में अमावस्या
أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद