क़ुरआन का रुकू 550 पढ़ें

रुकू 550 सूरह Al-Kawthar (आयत 1 से 3) से है। इसमें 3 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।

28 अक्टूबर 2026 को 00h24 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में रुकू 550

3
आयतें
1
सूरह
30
जुज़
v.1 – v.3
आयतें

रुकू 550 में सूरह

الكوثر · जुज़ 30
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سورة الكوثر
जुज़ 30 94.3% (532/564)
हिज़्ब 60 88.9% (256/288)

إِنَّآ أَعْطَيْنَـٰكَ ٱلْكَوْثَرَ ﴿1﴾

(ऐ रसूल) हमनें तुमको को कौसर अता किया,

فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَٱنْحَرْ ﴿2﴾

तो तुम अपने परवरदिगार की नमाज़ पढ़ा करो

إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلْأَبْتَرُ ﴿3﴾

और क़ुर्बानी दिया करो बेशक तुम्हारा दुश्मन बे औलाद रहेगा

بسم الله الرحمن الرحيم शनि 19 जुमादा अल-अव्वल
السبت 19 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 19.8 / 29.5
रोशनी 74%
10 दिनों में अमावस्या
لا حول ولا قوة إلا بالله अल्लाह के बिना कोई शक्ति और सामर्थ्य नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद