क़ुरआन का रुकू 550 पढ़ें

रुकू 550 सूरह Al-Kawthar (आयत 1 से 3) से है। इसमें 3 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में रुकू 550

3
आयतें
1
सूरह
30
जुज़
v.1 – v.3
आयतें

रुकू 550 में सूरह

الكوثر · जुज़ 30
नेविगेशन
बुकमार्क
ऑडियो
हिफ़्ज़
प्रदर्शन
पृष्ठ 602
रुकू 550
سورة قريش
जुज़ 30 94.3% (532/564)
हिज़्ब 60 88.9% (256/288)

إِنَّآ أَعْطَيْنَـٰكَ ٱلْكَوْثَرَ ﴿1﴾

(ऐ रसूल) हमनें तुमको को कौसर अता किया,

فَصَلِّ لِرَبِّكَ وَٱنْحَرْ ﴿2﴾

तो तुम अपने परवरदिगार की नमाज़ पढ़ा करो

إِنَّ شَانِئَكَ هُوَ ٱلْأَبْتَرُ ﴿3﴾

और क़ुर्बानी दिया करो बेशक तुम्हारा दुश्मन बे औलाद रहेगा

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 3 रबी अल-सानी
الأربعاء 3 ربيع الآخر
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 4.3 / 29.5
रोशनी 19%
10 दिनों में पूर्णिमा
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है