सूरह Al-Adiyat पढ़ें

सूरह Al-Adiyat (العاديات) क़ुरआन की एक मक्की सूरह सूरह है जिसमें 11 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

28 अक्टूबर 2026 को 00h24 बजे अपडेट किया गया

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सूरह Al-Adiyat अंकों में

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(मक्की सूरह)
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मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 0
رب 2

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

ل
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ب
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و
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ر
10
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ن
10
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العاديات · जुज़ 30
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سورة العاديات
जुज़ 30 84.0% (474/564)
हिज़्ब 60 68.8% (198/288)

وَٱلْعَـٰدِيَـٰتِ ضَبْحًۭا ﴿1﴾

(ग़ाज़ियों के) सरपट दौड़ने वाले घोड़ो की क़सम

فَٱلْمُورِيَـٰتِ قَدْحًۭا ﴿2﴾

जो नथनों से फ़रराटे लेते हैं

فَٱلْمُغِيرَٰتِ صُبْحًۭا ﴿3﴾

फिर पत्थर पर टाप मारकर चिंगारियाँ निकालते हैं फिर सुबह को छापा मारते हैं

فَأَثَرْنَ بِهِۦ نَقْعًۭا ﴿4﴾

(तो दौड़ धूप से) बुलन्द कर देते हैं

فَوَسَطْنَ بِهِۦ جَمْعًا ﴿5﴾

फिर उस वक्त (दुश्मन के) दिल में घुस जाते हैं

إِنَّ ٱلْإِنسَـٰنَ لِرَبِّهِۦ لَكَنُودٌۭ ﴿6﴾

(ग़रज़ क़सम है) कि बेशक इन्सान अपने परवरदिगार का नाशुक्रा है

وَإِنَّهُۥ عَلَىٰ ذَٰلِكَ لَشَهِيدٌۭ ﴿7﴾

और यक़ीनी ख़ुदा भी उससे वाक़िफ़ है

وَإِنَّهُۥ لِحُبِّ ٱلْخَيْرِ لَشَدِيدٌ ﴿8﴾

और बेशक वह माल का सख्त हरीस है

۞ أَفَلَا يَعْلَمُ إِذَا بُعْثِرَ مَا فِى ٱلْقُبُورِ ﴿9﴾

तो क्या वह ये नहीं जानता कि जब मुर्दे क़ब्रों से निकाले जाएँगे

وَحُصِّلَ مَا فِى ٱلصُّدُورِ ﴿10﴾

और दिलों के भेद ज़ाहिर कर दिए जाएँगे

إِنَّ رَبَّهُم بِهِمْ يَوْمَئِذٍۢ لَّخَبِيرٌۢ ﴿11﴾

बेशक उस दिन उनका परवरदिगार उनसे ख़ूब वाक़िफ़ होगा

بسم الله الرحمن الرحيم रवि 20 जुमादा अल-अव्वल
الأحد 20 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 20.9 / 29.5
रोशनी 63%
9 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद