सूरह Al-Adiyat पढ़ें

सूरह Al-Adiyat (العاديات) क़ुरआन की एक मक्की सूरह सूरह है जिसमें 11 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

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सूरह Al-Adiyat अंकों में

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(मक्की सूरह)
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मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 0
رب 2

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ب
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العاديات · जुज़ 30
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سورة العاديات
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وَٱلْعَـٰدِيَـٰتِ ضَبْحًۭا ﴿1﴾

(ग़ाज़ियों के) सरपट दौड़ने वाले घोड़ो की क़सम

فَٱلْمُورِيَـٰتِ قَدْحًۭا ﴿2﴾

जो नथनों से फ़रराटे लेते हैं

فَٱلْمُغِيرَٰتِ صُبْحًۭا ﴿3﴾

फिर पत्थर पर टाप मारकर चिंगारियाँ निकालते हैं फिर सुबह को छापा मारते हैं

فَأَثَرْنَ بِهِۦ نَقْعًۭا ﴿4﴾

(तो दौड़ धूप से) बुलन्द कर देते हैं

فَوَسَطْنَ بِهِۦ جَمْعًا ﴿5﴾

फिर उस वक्त (दुश्मन के) दिल में घुस जाते हैं

إِنَّ ٱلْإِنسَـٰنَ لِرَبِّهِۦ لَكَنُودٌۭ ﴿6﴾

(ग़रज़ क़सम है) कि बेशक इन्सान अपने परवरदिगार का नाशुक्रा है

وَإِنَّهُۥ عَلَىٰ ذَٰلِكَ لَشَهِيدٌۭ ﴿7﴾

और यक़ीनी ख़ुदा भी उससे वाक़िफ़ है

وَإِنَّهُۥ لِحُبِّ ٱلْخَيْرِ لَشَدِيدٌ ﴿8﴾

और बेशक वह माल का सख्त हरीस है

۞ أَفَلَا يَعْلَمُ إِذَا بُعْثِرَ مَا فِى ٱلْقُبُورِ ﴿9﴾

तो क्या वह ये नहीं जानता कि जब मुर्दे क़ब्रों से निकाले जाएँगे

وَحُصِّلَ مَا فِى ٱلصُّدُورِ ﴿10﴾

और दिलों के भेद ज़ाहिर कर दिए जाएँगे

إِنَّ رَبَّهُم بِهِمْ يَوْمَئِذٍۢ لَّخَبِيرٌۢ ﴿11﴾

बेशक उस दिन उनका परवरदिगार उनसे ख़ूब वाक़िफ़ होगा

بسم الله الرحمن الرحيم शनि 5 जुमादा अल-अव्वल
السبت 5 جمادى الأولى
هلال متزايد बढ़ता हुआ अर्धचंद्र दिन 6.4 / 29.5
रोशनी 40%
8 दिनों में पूर्णिमा
حسبنا الله ونعم الوكيل अल्लाह हमारे लिए काफी है, कितना अच्छा रक्षक है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद