सूरह Az-Zalzala पढ़ें

सूरह Az-Zalzala (الزلزلة) क़ुरआन की एक मदनी सूरह है जिसमें 8 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

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सूरह Az-Zalzala अंकों में

कालानुक्रमिक अवतरण क्रम
अवतरण क्रमांक 93 / 114
(मदनी)
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शब्द
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अक्षर
-94.6% औसत से
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8
आयतें
-85.4% औसत से

मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 0
رب 1

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

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الزلزلة · जुज़ 30
सूरह Az-Zalzala पढ़ें
سورة البينة
जुज़ 30 82.6% (466/564)
हिज़्ब 60 66.0% (190/288)

إِذَا زُلْزِلَتِ ٱلْأَرْضُ زِلْزَالَهَا ﴿١﴾

जब ज़मीन बड़े ज़ोरों के साथ ज़लज़ले में आ जाएगी

وَأَخْرَجَتِ ٱلْأَرْضُ أَثْقَالَهَا ﴿٢﴾

और ज़मीन अपने अन्दर के बोझे (मादनयात मुर्दे वग़ैरह) निकाल डालेगी

وَقَالَ ٱلْإِنسَـٰنُ مَا لَهَا ﴿٣﴾

और एक इन्सान कहेगा कि उसको क्या हो गया है

يَوْمَئِذٍۢ تُحَدِّثُ أَخْبَارَهَا ﴿٤﴾

उस रोज़ वह अपने सब हालात बयान कर देगी

بِأَنَّ رَبَّكَ أَوْحَىٰ لَهَا ﴿٥﴾

क्योंकि तुम्हारे परवरदिगार ने उसको हुक्म दिया होगा

يَوْمَئِذٍۢ يَصْدُرُ ٱلنَّاسُ أَشْتَاتًۭا لِّيُرَوْا۟ أَعْمَـٰلَهُمْ ﴿٦﴾

उस दिन लोग गिरोह गिरोह (अपनी कब्रों से) निकलेंगे ताकि अपने आमाल को देखे

فَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍ خَيْرًۭا يَرَهُۥ ﴿٧﴾

तो जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर नेकी की वह उसे देख लेगा

وَمَن يَعْمَلْ مِثْقَالَ ذَرَّةٍۢ شَرًّۭا يَرَهُۥ ﴿٨﴾

और जिस शख्स ने ज़र्रा बराबर बदी की है तो उसे देख लेगा

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 19 रबी अल-अव्वल
الأربعاء 19 ربيع الأول
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 20 / 29.5
रोशनी 72%
10 दिनों में अमावस्या
اللهم صل على محمد ऐ अल्लाह, मुहम्मद पर दरूद भेज