सूरह Al-Qadr पढ़ें

सूरह Al-Qadr (القدر) क़ुरआन की एक मक्की सूरह सूरह है जिसमें 5 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

28 अक्टूबर 2026 को 00h24 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

सूरह Al-Qadr अंकों में

कालानुक्रमिक अवतरण क्रम
अवतरण क्रमांक 25 / 114
(मक्की सूरह)
30
शब्द
-95.8% औसत से
118
अक्षर
-96.2% औसत से
1
पढ़ने का मिनट
5
आयतें
-90.9% औसत से

मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 0
رب 1

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

ل
19
#1
ر
10
#2
م
9
#3
ن
7
#4
ٱ
6
#5
القدر · जुज़ 30
नेविगेशन
बुकमार्क
ऑडियो
हिफ़्ज़
प्रदर्शन
◄ सूरह Al-Qadr पढ़ें ►
سورة القدر
जुज़ 30 80.3% (453/564)
हिज़्ब 60 61.5% (177/288)

إِنَّآ أَنزَلْنَـٰهُ فِى لَيْلَةِ ٱلْقَدْرِ ﴿1﴾

हमने (इस कुरान) को शबे क़द्र में नाज़िल (करना शुरू) किया

وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا لَيْلَةُ ٱلْقَدْرِ ﴿2﴾

और तुमको क्या मालूम शबे क़द्र क्या है

لَيْلَةُ ٱلْقَدْرِ خَيْرٌۭ مِّنْ أَلْفِ شَهْرٍۢ ﴿3﴾

शबे क़द्र (मरतबा और अमल में) हज़ार महीनो से बेहतर है

تَنَزَّلُ ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ وَٱلرُّوحُ فِيهَا بِإِذْنِ رَبِّهِم مِّن كُلِّ أَمْرٍۢ ﴿4﴾

इस (रात) में फ़रिश्ते और जिबरील (साल भर की) हर बात का हुक्म लेकर अपने परवरदिगार के हुक्म से नाज़िल होते हैं

سَلَـٰمٌ هِىَ حَتَّىٰ مَطْلَعِ ٱلْفَجْرِ ﴿5﴾

ये रात सुबह के तुलूअ होने तक (अज़सरतापा) सलामती है

بسم الله الرحمن الرحيم रवि 20 जुमादा अल-अव्वल
الأحد 20 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 21.6 / 29.5
रोशनी 56%
8 दिनों में अमावस्या
اللهم صل على محمد ऐ अल्लाह, मुहम्मद पर दरूद भेज

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद