الأنعام · जुज़ 7
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क़ुरआन का पृष्ठ 138 पढ़ें

मुसहफ़ का पृष्ठ 138 9 आयतों को समाहित करता है। यह जुज़ 7, हिज़्ब 14 में है।

10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया

Page 138 dans le Coran

9
आयतें
7
जुज़
14
हिज़्ब
1
सूरह

Sourate dans la page 138

जुज़ 7
पृष्ठ 138
سورة الأنعام
जुज़ 7 80.5% (120/149)
हिज़्ब 14 61.3% (46/75)

ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ وَلَمْ يَلْبِسُوٓا۟ إِيمَـٰنَهُم بِظُلْمٍ أُو۟لَـٰٓئِكَ لَهُمُ ٱلْأَمْنُ وَهُم مُّهْتَدُونَ ﴿٨٢﴾

जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अपने ईमान को ज़ुल्म (शिर्क) से आलूदा नहीं किया उन्हीं लोगों के लिए अमन (व इतमिनान) है और यही लोग हिदायत याफ़ता हैं

وَتِلْكَ حُجَّتُنَآ ءَاتَيْنَـٰهَآ إِبْرَٰهِيمَ عَلَىٰ قَوْمِهِۦ ۚ نَرْفَعُ دَرَجَـٰتٍۢ مَّن نَّشَآءُ ۗ إِنَّ رَبَّكَ حَكِيمٌ عَلِيمٌۭ ﴿٨٣﴾

और ये हमारी (समझाई बुझाई) दलीलें हैं जो हमने इबराहीम को अपनी क़ौम पर (ग़ालिब आने के लिए) अता की थी हम जिसके मरतबे चाहते हैं बुलन्द करते हैं बेशक तुम्हारा परवरदिगार हिक़मत वाला बाख़बर है

وَوَهَبْنَا لَهُۥٓ إِسْحَـٰقَ وَيَعْقُوبَ ۚ كُلًّا هَدَيْنَا ۚ وَنُوحًا هَدَيْنَا مِن قَبْلُ ۖ وَمِن ذُرِّيَّتِهِۦ دَاوُۥدَ وَسُلَيْمَـٰنَ وَأَيُّوبَ وَيُوسُفَ وَمُوسَىٰ وَهَـٰرُونَ ۚ وَكَذَٰلِكَ نَجْزِى ٱلْمُحْسِنِينَ ﴿٨٤﴾

और हमने इबराहीम को इसहाक़ वा याक़ूब (सा बेटा पोता) अता किया हमने सबकी हिदायत की और उनसे पहले नूह को (भी) हम ही ने हिदायत की और उन्हीं (इबराहीम) को औलाद से दाऊद व सुलेमान व अय्यूब व यूसुफ व मूसा व हारुन (सब की हमने हिदायत की) और नेकों कारों को हम ऐसा ही इल्म अता फरमाते हैं

وَزَكَرِيَّا وَيَحْيَىٰ وَعِيسَىٰ وَإِلْيَاسَ ۖ كُلٌّۭ مِّنَ ٱلصَّـٰلِحِينَ ﴿٨٥﴾

और ज़करिया व यहया व ईसा व इलियास (सब की हिदायत की (और ये) सब (ख़ुदा के) नेक बन्दों से हैं

وَإِسْمَـٰعِيلَ وَٱلْيَسَعَ وَيُونُسَ وَلُوطًۭا ۚ وَكُلًّۭا فَضَّلْنَا عَلَى ٱلْعَـٰلَمِينَ ﴿٨٦﴾

और इसमाइल व इलियास व युनूस व लूत (की भी हिदायत की) और सब को सारे जहाँन पर फज़ीलत अता की

وَمِنْ ءَابَآئِهِمْ وَذُرِّيَّـٰتِهِمْ وَإِخْوَٰنِهِمْ ۖ وَٱجْتَبَيْنَـٰهُمْ وَهَدَيْنَـٰهُمْ إِلَىٰ صِرَٰطٍۢ مُّسْتَقِيمٍۢ ﴿٨٧﴾

और (सिर्फ उन्हीं को नहीं बल्कि) उनके बाप दादाओं और उनकी औलाद और उनके भाई बन्दों में से (बहुतेरों को) और उनके मुन्तख़िब किया और उन्हें सीधी राह की हिदायत की

ذَٰلِكَ هُدَى ٱللَّهِ يَهْدِى بِهِۦ مَن يَشَآءُ مِنْ عِبَادِهِۦ ۚ وَلَوْ أَشْرَكُوا۟ لَحَبِطَ عَنْهُم مَّا كَانُوا۟ يَعْمَلُونَ ﴿٨٨﴾

(देखो) ये ख़ुदा की हिदायत है अपने बन्दों से जिसको चाहे उसीकी वजह से राह पर लाए और अगर उन लोगों ने शिर्क किया होता तो उनका किया (धरा) सब अकारत हो जाता

أُو۟لَـٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ ءَاتَيْنَـٰهُمُ ٱلْكِتَـٰبَ وَٱلْحُكْمَ وَٱلنُّبُوَّةَ ۚ فَإِن يَكْفُرْ بِهَا هَـٰٓؤُلَآءِ فَقَدْ وَكَّلْنَا بِهَا قَوْمًۭا لَّيْسُوا۟ بِهَا بِكَـٰفِرِينَ ﴿٨٩﴾

(पैग़म्बर) वह लोग थे जिनको हमने (आसमानी) किताब और हुकूमत और नुबूवत अता फरमाई पस अगर ये लोग उसे भी न माने तो (कुछ परवाह नहीं) हमने तो उस पर ऐसे लोगों को मुक़र्रर कर दिया हे जो (उनकी तरह) इन्कार करने वाले नहीं

أُو۟لَـٰٓئِكَ ٱلَّذِينَ هَدَى ٱللَّهُ ۖ فَبِهُدَىٰهُمُ ٱقْتَدِهْ ۗ قُل لَّآ أَسْـَٔلُكُمْ عَلَيْهِ أَجْرًا ۖ إِنْ هُوَ إِلَّا ذِكْرَىٰ لِلْعَـٰلَمِينَ ﴿٩٠﴾

(ये अगले पैग़म्बर) वह लोग थे जिनकी ख़ुदा ने हिदायत की पस तुम भी उनकी हिदायत की पैरवी करो (ऐ रसूल उन से) कहो कि मै तुम से इस (रिसालत) की मज़दूरी कुछ नहीं चाहता सारे जहाँन के लिए सिर्फ नसीहत है

بسم الله الرحمن الرحيم शुक्र 24 मुहर्रम
الجمعة 24 محرّم
هلال متناقص घटता हुआ अर्धचंद्र दिन 25.2 / 29.5
रोशनी 19%
4 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है