الدخان · जुज़ 25
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क़ुरआन का रुकू 432 पढ़ें

रुकू 432 सूरह Ad-Dukhan (आयत 30 से 42) से है। इसमें 13 आयतें हैं और यह जुज़ 25 में है।

10 जुलाई 2026 को 03h52 बजे अपडेट किया गया

Ruku 432 dans le Coran

13
आयतें
1
सूरह
25
जुज़
v.30 – v.42
आयतें

Sourate dans le Ruku 432

पृष्ठ 498
रुकू 432
سورة الدخان
जुज़ 25 76.8% (189/246)
हिज़्ब 50 64.8% (105/162)

إِنَّ يَوْمَ ٱلْفَصْلِ مِيقَـٰتُهُمْ أَجْمَعِينَ ﴿٤٠﴾

बेशक फ़ैसला (क़यामत) का दिन उन सब (के दोबार ज़िन्दा होने) का मुक़र्रर वक्त है

يَوْمَ لَا يُغْنِى مَوْلًى عَن مَّوْلًۭى شَيْـًۭٔا وَلَا هُمْ يُنصَرُونَ ﴿٤١﴾

जिस दिन कोई दोस्त किसी दोस्त के कुछ काम न आएगा और न उन की मदद की जाएगी

إِلَّا مَن رَّحِمَ ٱللَّهُ ۚ إِنَّهُۥ هُوَ ٱلْعَزِيزُ ٱلرَّحِيمُ ﴿٤٢﴾

मगर जिन पर ख़ुदा रहम फरमाए बेशक वह (ख़ुदा) सब पर ग़ालिब बड़ा रहम करने वाला है

بسم الله الرحمن الرحيم शुक्र 24 मुहर्रम
الجمعة 24 محرّم
هلال متناقص घटता हुआ अर्धचंद्र दिन 25.1 / 29.5
रोशनी 21%
4 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है