क़ुरआन का पृष्ठ 457 पढ़ें

मुसहफ़ का पृष्ठ 457 22 आयतों को समाहित करता है। यह जुज़ 23, हिज़्ब 46 में है।

28 अक्टूबर 2026 को 00h24 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में पृष्ठ 457

22
आयतें
23
जुज़
46
हिज़्ब
1
सूरह

पृष्ठ 457 में सूरह

ص · जुज़ 23
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जुज़ 23
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سورة ص
जुज़ 23 83.8% (299/357)
हिज़्ब 46 63.1% (99/157)

وَقَالُوا۟ مَا لَنَا لَا نَرَىٰ رِجَالًۭا كُنَّا نَعُدُّهُم مِّنَ ٱلْأَشْرَارِ ﴿62﴾

और (फिर) खुद भी कहेगें हमें क्या हो गया है कि हम जिन लोगों को (दुनिया में) शरीर शुमार करते थे हम उनको यहाँ (दोज़ख़) में नहीं देखते

أَتَّخَذْنَـٰهُمْ سِخْرِيًّا أَمْ زَاغَتْ عَنْهُمُ ٱلْأَبْصَـٰرُ ﴿63﴾

क्या हम उनसे (नाहक़) मसखरापन करते थे या उनकी तरफ से (हमारी) ऑंखे पलट गयी हैं

إِنَّ ذَٰلِكَ لَحَقٌّۭ تَخَاصُمُ أَهْلِ ٱلنَّارِ ﴿64﴾

इसमें शक नहीं कि जहन्नुमियों का बाहम झगड़ना ये बिल्कुल यक़ीनी ठीक है

قُلْ إِنَّمَآ أَنَا۠ مُنذِرٌۭ ۖ وَمَا مِنْ إِلَـٰهٍ إِلَّا ٱللَّهُ ٱلْوَٰحِدُ ٱلْقَهَّارُ ﴿65﴾

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि मैं तो बस (अज़ाबे खुदा से) डराने वाला हूँ और यकता क़हार खुदा के सिवा कोई माबूद क़ाबिले परसतिश नहीं

رَبُّ ٱلسَّمَـٰوَٰتِ وَٱلْأَرْضِ وَمَا بَيْنَهُمَا ٱلْعَزِيزُ ٱلْغَفَّـٰرُ ﴿66﴾

सारे आसमान और ज़मीन का और जो चीज़े उन दोनों के दरमियान हैं (सबका) परवरदिगार ग़ालिब बड़ा बख्शने वाला है

قُلْ هُوَ نَبَؤٌا۟ عَظِيمٌ ﴿67﴾

(ऐ रसूल) तुम कह दो कि ये (क़यामत) एक बहुत बड़ा वाक़िया है

أَنتُمْ عَنْهُ مُعْرِضُونَ ﴿68﴾

जिससे तुम लोग (ख्वाहमाख्वाह) मुँह फेरते हो

مَا كَانَ لِىَ مِنْ عِلْمٍۭ بِٱلْمَلَإِ ٱلْأَعْلَىٰٓ إِذْ يَخْتَصِمُونَ ﴿69﴾

आलम बाला के रहने वाले (फरिश्ते) जब वाहम बहस करते थे उसकी मुझे भी ख़बर न थी

إِن يُوحَىٰٓ إِلَىَّ إِلَّآ أَنَّمَآ أَنَا۠ نَذِيرٌۭ مُّبِينٌ ﴿70﴾

मेरे पास तो बस वही की गयी है कि मैं (खुदा के अज़ाब से) साफ-साफ डराने वाला हूँ

إِذْ قَالَ رَبُّكَ لِلْمَلَـٰٓئِكَةِ إِنِّى خَـٰلِقٌۢ بَشَرًۭا مِّن طِينٍۢ ﴿71﴾

(वह बहस ये थी कि) जब तुम्हारे परवरदिगार ने फरिश्तों से कहा कि मैं गीली मिट्टी से एक आदमी बनाने वाला हूँ

فَإِذَا سَوَّيْتُهُۥ وَنَفَخْتُ فِيهِ مِن رُّوحِى فَقَعُوا۟ لَهُۥ سَـٰجِدِينَ ﴿72﴾

तो जब मैं उसको दुरूस्त कर लूँ और इसमें अपनी (पैदा) की हुई रूह फूँक दो तो तुम सब के सब उसके सामने सजदे में गिर पड़ना

فَسَجَدَ ٱلْمَلَـٰٓئِكَةُ كُلُّهُمْ أَجْمَعُونَ ﴿73﴾

तो सब के सब कुल फरिश्तों ने सजदा किया

إِلَّآ إِبْلِيسَ ٱسْتَكْبَرَ وَكَانَ مِنَ ٱلْكَـٰفِرِينَ ﴿74﴾

मगर (एक) इबलीस ने कि वह शेख़ी में आ गया और काफिरों में हो गया

قَالَ يَـٰٓإِبْلِيسُ مَا مَنَعَكَ أَن تَسْجُدَ لِمَا خَلَقْتُ بِيَدَىَّ ۖ أَسْتَكْبَرْتَ أَمْ كُنتَ مِنَ ٱلْعَالِينَ ﴿75﴾

ख़ुदा ने (इबलीस से) फरमाया कि ऐ इबलीस जिस चीज़ को मैंने अपनी ख़ास कुदरत से पैदा किया (भला) उसको सजदा करने से तुझे किसी ने रोका क्या तूने तक़ब्बुर किया या वाकई तू बड़े दरजे वालें में है

قَالَ أَنَا۠ خَيْرٌۭ مِّنْهُ ۖ خَلَقْتَنِى مِن نَّارٍۢ وَخَلَقْتَهُۥ مِن طِينٍۢ ﴿76﴾

इबलीस बोल उठा कि मैं उससे बेहतर हूँ तूने मुझे आग से पैदा किया और इसको तूने गीली मिट्टी से पैदा किया

قَالَ فَٱخْرُجْ مِنْهَا فَإِنَّكَ رَجِيمٌۭ ﴿77﴾

(कहाँ आग कहाँ मिट्टी) खुदा ने फरमाया कि तू यहाँ से निकल (दूर हो) तू यक़ीनी मरदूद है

وَإِنَّ عَلَيْكَ لَعْنَتِىٓ إِلَىٰ يَوْمِ ٱلدِّينِ ﴿78﴾

और तुझ पर रोज़ जज़ा (क़यामत) तक मेरी फिटकार पड़ा करेगी

قَالَ رَبِّ فَأَنظِرْنِىٓ إِلَىٰ يَوْمِ يُبْعَثُونَ ﴿79﴾

शैतान ने अर्ज़ की परवरदिगार तू मुझे उस दिन तक की मोहलत अता कर जिसमें सब लोग (दोबारा) उठा खड़े किए जायेंगे

قَالَ فَإِنَّكَ مِنَ ٱلْمُنظَرِينَ ﴿80﴾

फरमाया तुझे एक वक्त मुअय्यन के दिन तक की मोहलत दी गयी

إِلَىٰ يَوْمِ ٱلْوَقْتِ ٱلْمَعْلُومِ ﴿81﴾

वह बोला तेरी ही इज्ज़त व जलाल की क़सम

قَالَ فَبِعِزَّتِكَ لَأُغْوِيَنَّهُمْ أَجْمَعِينَ ﴿82﴾

उनमें से तेरे ख़ालिस बन्दों के सिवा सब के सब को ज़रूर गुमराह करूँगा

إِلَّا عِبَادَكَ مِنْهُمُ ٱلْمُخْلَصِينَ ﴿83﴾

खुदा ने फरमाया तो (हम भी) हक़ बात (कहे देते हैं)

بسم الله الرحمن الرحيم गुरु 17 जुमादा अल-अव्वल
الخميس 17 جمادى الأولى
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 18.4 / 29.5
रोशनी 86%
11 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद