क़ुरआन का रुकू 547 पढ़ें

रुकू 547 सूरह Al-Fil (आयत 1 से 5) से है। इसमें 5 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

क़ुरआन में रुकू 547

5
आयतें
1
सूरह
30
जुज़
v.1 – v.5
आयतें

रुकू 547 में सूरह

الفيل · जुज़ 30
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سورة الفيل
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हिज़्ब 60 83.3% (240/288)

أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصْحَـٰبِ ٱلْفِيلِ ﴿1﴾

ऐ रसूल क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे परवरदिगार ने हाथी वालों के साथ क्या किया

أَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِى تَضْلِيلٍۢ ﴿2﴾

क्या उसने उनकी तमाम तद्बीरें ग़लत नहीं कर दीं (ज़रूर)

وَأَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا أَبَابِيلَ ﴿3﴾

और उन पर झुन्ड की झुन्ड चिड़ियाँ भेज दीं

تَرْمِيهِم بِحِجَارَةٍۢ مِّن سِجِّيلٍۢ ﴿4﴾

जो उन पर खरन्जों की कंकरियाँ फेकती थीं

فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍۢ مَّأْكُولٍۭ ﴿5﴾

तो उन्हें चबाए हुए भूस की (तबाह) कर दिया

بسم الله الرحمن الرحيم सोम 7 जुमादा अल-अव्वल
الاثنين 7 جمادى الأولى
التربيع الأول पहली तिमाही दिन 8.1 / 29.5
रोशनी 58%
7 दिनों में पूर्णिमा
سبحان الله अल्लाह की पवित्रता है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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