रुकू 547 सूरह Al-Fil (आयत 1 से 5) से है। इसमें 5 आयतें हैं और यह जुज़ 30 में है।
05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया
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أَلَمْ تَرَ كَيْفَ فَعَلَ رَبُّكَ بِأَصْحَـٰبِ ٱلْفِيلِ ﴿١﴾
ऐ रसूल क्या तुमने नहीं देखा कि तुम्हारे परवरदिगार ने हाथी वालों के साथ क्या किया
أَلَمْ يَجْعَلْ كَيْدَهُمْ فِى تَضْلِيلٍۢ ﴿٢﴾
क्या उसने उनकी तमाम तद्बीरें ग़लत नहीं कर दीं (ज़रूर)
وَأَرْسَلَ عَلَيْهِمْ طَيْرًا أَبَابِيلَ ﴿٣﴾
और उन पर झुन्ड की झुन्ड चिड़ियाँ भेज दीं
تَرْمِيهِم بِحِجَارَةٍۢ مِّن سِجِّيلٍۢ ﴿٤﴾
जो उन पर खरन्जों की कंकरियाँ फेकती थीं
فَجَعَلَهُمْ كَعَصْفٍۢ مَّأْكُولٍۭ ﴿٥﴾
तो उन्हें चबाए हुए भूस की (तबाह) कर दिया