सूरह At-Takathur पढ़ें

सूरह At-Takathur (التكاثر) क़ुरआन की एक मक्की सूरह है जिसमें 8 आयतें हैं। हमारे इंटरैक्टिव उपकरणों से इस सूरह को पढ़ें, सुनें और हिफ़्ज़ करें।

05 अगस्त 2026 को 16h34 बजे अपडेट किया गया

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सूरह At-Takathur अंकों में

कालानुक्रमिक अवतरण क्रम
अवतरण क्रमांक 16 / 114
(मक्की)
28
शब्द
-96.1% औसत से
123
अक्षर
-96.0% औसत से
1
पढ़ने का मिनट
8
आयतें
-85.4% औसत से

मुख्य शब्दों की आवृत्ति

الله 0
رب 0

सबसे अधिक आवृत्त अक्षर

ل
19
#1
م
13
#2
ن
11
#3
ت
9
#4
و
9
#5
التكاثر · जुज़ 30
सूरह At-Takathur पढ़ें
سورة العاديات
जुज़ 30 87.9% (496/564)
हिज़्ब 60 76.4% (220/288)

أَلْهَىٰكُمُ ٱلتَّكَاثُرُ ﴿١﴾

कुल व माल की बहुतायत ने तुम लोगों को ग़ाफ़िल रखा

حَتَّىٰ زُرْتُمُ ٱلْمَقَابِرَ ﴿٢﴾

यहाँ तक कि तुम लोगों ने कब्रें देखी (मर गए)

كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ ﴿٣﴾

देखो तुमको अनक़रीब ही मालुम हो जाएगा

ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ ﴿٤﴾

फिर देखो तुम्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा

كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ ٱلْيَقِينِ ﴿٥﴾

देखो अगर तुमको यक़ीनी तौर पर मालूम होता (तो हरगिज़ ग़ाफिल न होते)

لَتَرَوُنَّ ٱلْجَحِيمَ ﴿٦﴾

तुम लोग ज़रूर दोज़ख़ को देखोगे

ثُمَّ لَتَرَوُنَّهَا عَيْنَ ٱلْيَقِينِ ﴿٧﴾

फिर तुम लोग यक़ीनी देखना देखोगे

ثُمَّ لَتُسْـَٔلُنَّ يَوْمَئِذٍ عَنِ ٱلنَّعِيمِ ﴿٨﴾

फिर तुमसे नेअमतों के बारें ज़रूर बाज़ पुर्स की जाएगी

بسم الله الرحمن الرحيم बुध 19 रबी अल-अव्वल
الأربعاء 19 ربيع الأول
أحدب متناقص घटता हुआ कूबड़ दिन 20 / 29.5
रोशनी 72%
10 दिनों में अमावस्या
لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं