यहूदियों और ईसाइयों पर अल्लाह की लानत हो, उन्होंने अपने नबियों की क़ब्रों को मस्जिद बना लि…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: यहूदियों और ईसाइयों पर अल्लाह की लानत हो, उन्होंने अपने…

عن عائشة أم المؤمنين وعبد الله بن عباس رضي الله عنهما قالا: لَمَّا نَزَلَ بِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ طَفِقَ يَطْرَحُ خَمِيصَةً لَهُ عَلَى وَجْهِهِ، فَإِذَا اغْتَمَّ بِهَا كَشَفَهَا عَنْ وَجْهِهِ، فَقَالَ وَهُوَ كَذَلِكَ: «لَعْنَةُ اللَّهِ عَلَى اليَهُودِ وَالنَّصَارَى، اتَّخَذُوا قُبُورَ أَنْبِيَائِهِمْ مَسَاجِدَ» يُحَذِّرُ مَا صَنَعُوا.

हदीस की व्याख्या: यहूदियों और ईसाइयों पर अल्लाह की लानत हो, उन्होंने अपने…

आइशा और अब्दुल्लाह बिन अब्बास रज़ियल्लाहु अनहुम हमें बता रहे हैं कि जब अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की मृत्यु का समय आया, तो आप अपने चेहरे पर कपड़े का एक टुकड़ा रखने लगे। फिर जब मृत्यु के समय होने वाले कष्ट के कारण साँस लेने में कठिनाई होने लगी, तो उसे अपने चेहरे से हटा दिया। इसी कठिन परिस्थिति में आपने फ़रमाया : अल्लाह की लानत हो यहूदियों एवं ईसाइयों पर। अल्लाह उनको अपनी रहमत से दूर रखे। ऐसा इसलिए कि उन्होंने अपने नबियों की क़ब्रों के ऊपर मस्जिदें बना डालीं। यहाँ यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि यह काम कितना ख़तरनाक है कि अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इस कठिन परिस्थिति में भी इसका ज़िक्र करना ज़रूरी समझा। आपने इस काम से मना इसलिए किया कि एक तो यह यहूदियों एवं ईसाइयों का काम है और दूसरा यह अल्लाह का साझी ठहराने का ज़रिया है।

सीख: यहूदियों और ईसाइयों पर अल्लाह की लानत हो, उन्होंने अपने…

श्रेणियाँ : अक़ीदा · सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह पर ईमान · उपासना (इबादत) से संबंधित एकेश्वरवाद

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.6 / 29.5
रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
سبحان الله وبحمده अल्लाह की महिमा और स्तुति है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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