बेशक अल्लाह को ग़ैरत (स्वाभिमान) आती है और मोमिन को भी ग़ैरत आती है। अल्लाह को ग़ैरत इस बा…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: बेशक अल्लाह को ग़ैरत (स्वाभिमान) आती है और मोमिन को भी…

हदीस की व्याख्या: बेशक अल्लाह को ग़ैरत (स्वाभिमान) आती है और मोमिन को भी…

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि बेशक अल्लाह को ग़ैरत आती है तथा वह नफ़रत एवं नापसंद करता है, जिस तरह कि मोमिन को ग़ैरत आती है और वह नफ़रत एवं नापसंद करता है। अल्लाह को ग़ैरत इस बात पर आती है कि मोमिन व्यभिचार, समलैंगिकता, चोरी और शराब पीना जैसे गुनाह के काम करे, जिनको अल्लाह ने हराम क़रार दिया है।

सीख: बेशक अल्लाह को ग़ैरत (स्वाभिमान) आती है और मोमिन को भी…

श्रेणियाँ : अक़ीदा · सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह पर ईमान · अल्लाह के नामों और गुणों से संबंधित एकेश्वरवाद

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
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रोशनी 96%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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