इस्लाम > Hi > हदीस > अकद > जिस व्यक्ति की मृत्यु इस अवस्था में हुई कि वह किसी को अल्लाह का समकक्ष बनाकर पुकार रहा था,…
स़ह़ीह़27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
📖 1 मिनट पढ़ने का समयعَنْ عَبْدِ اللهِ بنِ مَسْعُودٍ رضي الله عنه قال: قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم كَلِمَةً وَقُلْتُ أُخْرَى، قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم: «مَنْ مَاتَ وَهُوَ يَدْعُو مِنْ دُونِ اللهِ نِدًّا دَخَلَ النَّارَ» وَقُلْتُ أَنَا: مَنْ مَاتَ وَهُوَ لَا يَدْعُو لِلهِ نِدًّا دَخَلَ الْجَنَّةَ.
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि जिसने ऐसा कोई काम अल्लाह के अतिरिक्त किसी और के लिए किया, जिसे केवल अल्लाह के लिए किया जाना ज़रूरी है, जैसे अल्लाह के अलावा किसी और से कुछ माँगा या मसीबत के समय फ़रयाद (प्रार्थना) की और वह इसी अवस्था में मर गया, तो वह जहन्नम जाने वालों में शामिल होगा। जबकि अब्दुल्लाह बिन मसऊद रज़ियल्लाहु अनहु ने आगे कहा है कि जिसकी मृत्यु इस अवस्था में हुई कि उसने किसी को अल्लाह का साझी नहीं ठहराया, तो जन्नत में प्रवेश करेगा।
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