अपराध पर हदीसें

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«अपराध» पर 21 समझाई गई नबवी हदीसें: अरबी पाठ, अनुवाद, व्याख्या और सीख, प्रामाणिकता की डिग्री और स्रोतों के साथ।

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

अपराध पर हदीसों की सूची

सह़ीह़ उमर बिन खत्ताब- रज़ियल्लाहु अन्हु- ने लोगों से, किसी अत्याचार के नतीजे में गर्भपात के बारे में परामर्श किया सह़ीह़ हुज़ैल की दो महीलाऐं आपस में लड़ पड़ीं , तो एक ने दुसरी को पत्थर से मारा , जिस कारण वह मर गई और उसके पेट में बच्चा भी मर गया। सह़ीह़ एक बच्ची का सर दो पत्थरों के बीच रखकर कुचला हुआ पाया गयाः सह़ीह़ कोई अपने भाई को ऐसे दांत से काटता है, जैसे साँड़ काटता है। तेरे लिए कोई दियत नहीं है। स़ह़ीह़ क़यामत के दिन लोगों के बीच सबसे पहले रक्त के बारे में निर्णय किया जाएगा। सह़ीह़ यदि कोई व्यक्ति तुम्हारी अनुमति के बिना तुम्हें झाँके और तुम कंकड़ मारकर उसकी आँख फोड़ दो, तो तुम्हें कोई गुनाह न होगा सह़ीह़ कोई मुसलमान, जो इस बात की गवाही देता हो कि अल्लाह के सिवा कोई सच्चा माबूद (उपास्य) नहीं और मुहम्मद -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- अल्लाह के रसूल हैं, उसका सह़ीह़ मोमिनों का रक्त समान है तथा वह अपने शत्रुओं के विरुद्ध एक हाथ के समान हैं। उनके दिए गए सुरक्षा-वचन का पालन सबको करना पड़ेगा। सुन लो, किसी मोमिन को किस सह़ीह़ कुछ ग़रीब लोगों के एक गुलाम ने कुछ अमीर लोगों के एक गुलाम का कान काट दिया। अतः, उसके घर वाले नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास आए और कहने लगे कि ऐ सह़ीह़ अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने आदेश दिया था कि जिसे कोई ज़ख़्म लगा हो, वह अपना ज़ख़्म ठीक होने से पहले क़िसास न ले। क़िसास तभी ले, जब उस सह़ीह़ अल्लाह के बंदों में से कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो यदि अल्लाह पर क़सम खा लें, तो अल्लाह उसे पूरा कर देता है। सह़ीह़ जो क़त्ल किया गया हो, परन्तु उसके क़ातिल का पता न हो, या दो समुदाय के मध्य धनुष-बाण चले हों अथवा पत्थर बाजी हुई हो, या कोड़े चले हों और किसी का वध हो सह़ीह़ यदि इसके कत्ल में सनआ के सारे लोग संलिप्त होते, तो मैं सभी को (उसके बदले में) कत्ल कर देता। ह़सन जो किसी मोमिन को जान-बूझकर क़त्ल करेगा, उसे मृतक के घर वालों के हवाले किया जाएगा। वह चाहें तो उसे क़त्ल कर दें और चाहें तो उससे दियत लें, जो इस प्रकार सह़ीह़ याद रहे, रक्त एवं धन से संबंधित जाहिलियत के समय की वह सारी बातें जो गौरवपूर्ण तरीक़े से बयान की जाती हैं और जिनके दावे किए जाते हैं, मेरे पाँव तले हैं सह़ीह़ ये तथा ये समान हैं। ह़सन मुआहिद (ऐसा ग़ैरमुस्लिम जिसे सुरक्षा का वचन दिया गया हो) की दियत एक आजाद व्यक्ति की दियत की आधी है। ह़सन शिब्ह-ए-अमद (वह क़त्ल, जिसे जानबूझ-कर किए गए क़त्ल के समान माना गया है) की दियत क़त्ल-ए-अमद (जान-बूझकर किए गए क़त्ल) की तरह सख़्त है। लेकिन इसमें क़ात सह़ीह़ मैं अपने पिता के साथ नबी -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- के पास गया। फिर अल्लाह के रसूल -सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम- ने मेरे पिता से फ़रमाया : “क्या यह तुम्ह सह़ीह़ जिसने अपने दास अथवा दासी पर व्यभिचार का आरोप लगाया और वह उससे बरी है, उसे क़यामत के दिन कोड़े लगाए जाएँगे। हाँ, किंतु यदि बात वैसी ही हो, जैसी उसने कह स़ह़ीह़ तुममें से कोई व्यक्ति अपने भाई की ओर हथियार से इशारा न करे। क्योंकि उसे नहीं पता कि शायद शैतान उसके हाथ में मौजूद हथियार को हरकत दे दे और फलस्वरूप वह
بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
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لا إله إلا الله अल्लाह के सिवा कोई माबूद नहीं

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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