यात्रा में रोज़ा रखना पुण्य का कार्य नहीं है

इस्लाम > Hi > हदीस > इबदत पर आधरत फकह > यात्रा में रोज़ा रखना पुण्य का कार्य नहीं है

हदीस वर्णनकर्ता: इसे बुख़ारी एवं मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

📖 1 मिनट पढ़ने का समय

हदीस का पाठ: यात्रा में रोज़ा रखना पुण्य का कार्य नहीं है

हदीस की व्याख्या: यात्रा में रोज़ा रखना पुण्य का कार्य नहीं है

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम एक यात्रा पर थे। यात्रा के दौरान आपने एक व्यक्ति के पास लोगों की भीड़ देखी, जिसपर सूरज की गर्मी और अत्यधिक प्यास के कारण छाया किया गया था। आपने पूछा : इसे क्या हुआ है? लोगों ने कहा : यह रोज़ेदार है। तो आपने फ़रमाया : यात्रा में रोज़ा रखना पुण्य का कार्य नहीं है, तुम अल्लाह की उस छूट को स्वीकार करो जो उसने तुम्हें दी है।

सीख: यात्रा में रोज़ा रखना पुण्य का कार्य नहीं है

श्रेणियाँ : इबादतों पर आधारित फ़िक़्ह · रोज़े · फ़िक़्ह तथा उसूल-ए-फ़िक़्ह · उज़्र वाले लोगों के रोज़े

بسم الله الرحمن الرحيم मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
الثلاثاء 15 جمادى الأولى
بدر पूर्णिमा दिन 16.5 / 29.5
रोशनी 97%
13 दिनों में अमावस्या
الحمد لله अल्लाह की सारी प्रशंसा है

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

पैग़ंबर पर दुरूद