जब मुअज़्ज़िन "اللهُ أَكْبَرُ اللهُ أَكْبَرُ" (अल्लाहु अकबर, अल्लाहु अकबर) कहता है और (उसक…

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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है

स़ह़ीह़

27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया

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हदीस का पाठ: जब मुअज़्ज़िन "اللهُ أَكْبَرُ اللهُ أَكْبَرُ" (अल्लाहु…

हदीस की व्याख्या: जब मुअज़्ज़िन "اللهُ أَكْبَرُ اللهُ أَكْبَرُ" (अल्लाहु…

अज़ान नमाज़ का समय प्रवेश करने का एलान है। अज़ान के शब्द वास्तव में अक़ीदा-ए-ईमान को प्रदर्शित करने वाले व्यापक शब्द हैं।

इस हदीस में अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि अज़ान सुनते समय क्या करना चाहिए। सुनने वाले को वही कहना चाहिए, जो मुअज़्ज़िन कह रहा हो। जब मुअज़्ज़िन "अल्लाहु अकबर" कहे, तो सुनने वाले को "अल्लाहु अकबर" कहना चाहिए। एवं इसी प्रकार अन्य वाक्यों को भी कहना चाहिए। लेकिन जब मुअज़्ज़िन "हैय्या अलस्सलाह" तथा "हैय्या अलल्फलाह" कहे, तो सुनने वाले को "ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह" कहना चाहिए।

अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने बताया है कि जिसने सच्चे दिल से मुअज़्ज़िन के द्वारा कहे गए शब्दों का उत्तर दिया, वह जन्नत में प्रवेश करेगा।

अज़ान के शब्दों का अर्थ : "الله أكبر" (अल्लाहु अकबर) : यानी पवित्र एवं महान अल्लाह हर चीज़ से बड़ा, महान और शक्तिशाली है।

"أشهد أن لا إله إلا الله" (अश्हदु अन-लाइलाहा इल्लल्लाह) : मैं गवाही देता हूँ कि अल्लाह के अतिरिक्त कोई सच्चा पूज्य नहीं है।

"أشهد أن محمّدًا رسول الله" (अश्हदु अन्ना मुहम्मदर- रसूलुल्लाह) : मैं ज़बान और दिल से इस बात का इक़रार करता और गवाही देता हूँ कि मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम अल्लाह के रसूल हैं, जिनको सर्वशक्तिमान एवं महान अल्लाह ने भेजा है और आपका अनुसरण वाजिब है।

"حيَّ على الصَّلاة" (हैय्या अला अस्सलाह) : नमाज़ की ओर आओ। जबकि "لا حول ولا قوَّة إلّا بالله" (ला हौला वला क़ुव्वता इल्ला बिल्लाह) का अर्थ है, अल्लाह के सुयोग के बिना नमाज़ की रुकावटों से छुटकारा दिलाने वाली और नमाज़ का सामर्थ्य प्रदान करने वाली कोई हस्ती नहीं है।

"حيَّ على الفلاح" (हैय्या अलल्फलाह) : सफलता के साधन की ओर आओ। यहाँ सफ़लता से मुराद जन्नत की प्राप्ति तथा जहन्नम से मुक्ति है।

सीख: जब मुअज़्ज़िन "اللهُ أَكْبَرُ اللهُ أَكْبَرُ" (अल्लाहु…

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13 दिनों में अमावस्या
أستغفر الله मैं अल्लाह से माफी माँगता हूँ

إِنَّ ٱللَّهَ وَمَلَٰٓئِكَتَهُۥ يُصَلُّونَ عَلَى ٱلنَّبِىِّ ۚ يَٰٓأَيُّهَا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا۟ صَلُّوا۟ عَلَيْهِ وَسَلِّمُوا۟ تَسْلِيمًا

निस्संदेह अल्लाह और उसके फ़रिश्ते नबी पर रहमत भेजते है। ऐ ईमान लानेवालो, तुम भी उसपर रहमत भेजो और ख़ूब सलाम भेजो

Al-Ahzab 33:56

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