''महान अल्लाह रात में हाथ फैलाता है, ताकि दिन में गुनाह करने वाला तौबा कर ले और दिन में हा…
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हदीस वर्णनकर्ता: इसे मुस्लिम ने रिवायत किया है
स़ह़ीह़
27 अक्टूबर 2026 को 14h02 बजे अपडेट किया गया
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हदीस का पाठ: ''महान अल्लाह रात में हाथ फैलाता है, ताकि दिन में गुनाह…
हदीस की व्याख्या: ''महान अल्लाह रात में हाथ फैलाता है, ताकि दिन में गुनाह…
अल्लाह के नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम बता रहे हैं कि अल्लाह बंदे की तौबा क़बूल करता है। जब बंदा दिन में गुनाह करने के बाद रात में तौबा करता है, तो अल्लाह उसकी तौबा क़बूल कर लेता है। इसी तरह जब रात में गुनाह करने के बाद दिन में तौबा करता है, तो उसकी तौबा क़बूल कर लेता है। अल्लाह बंदे के इस अमल से खुश होकर उसकी तौबा क़बूल करने के लिए अपना हाथ फैलाता है। तौबा का द्वारा उस समय तक खुला रहेगा, जब तक दुनिया की समाप्ति की एक निशानी के तौर पर सूरज पश्चिम से निकल न आए। जब सूरज पश्चिम से निकल जाएगा, तो तौबा का द्वार बंद हो जाएगा।
सीख: ''महान अल्लाह रात में हाथ फैलाता है, ताकि दिन में गुनाह…
- बंदे की तौबा उस समय तक क़बूल होगी, जब तक तौबा का द्वार खुला रहे। याद रहे कि तौबा का द्वार पश्चिम से सूरज निकलने के बाद बंद हो जाएगा। इसी तरह तौबा क़बूल होने के लिए ज़रूरी है कि बंदा आत्मा के गले तक पहुँचने से पहले तक तौबा कर ले।
- इन्सान को गुनाह के कारण मायूस नहीं होना चाहिए। क्योंकि अल्लाह बड़ा क्षमा करने वाला एवं दयालु है, और तौबा का द्वार खुला हुआ है।
- तौबा की शर्तें : 1- गुनाह से खुद को दूर कर लेना। 2- उसमें संलिप्त होने पर शर्मिंदा होना। 3- इस बात का पक्का इरादा कर लेना कि वह गुनाह फिर कभी नहीं करेगा। उल्लिखित तीनों शर्तें उस समय हैं, जब गुनाह का संबंध अल्लाह के किसी अधिकार के हनन से हो। अगर गुनाह का संबंध बंदे के किसी अधिकार के हनन से हो, तो तौबा के सही होने के लिए अधिकार वाले को उसका अधिकार लौटाना या उससे क्षमा प्राप्त करना ज़रूरी है।
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मंगल 15 जुमादा अल-अव्वल
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